
केशव नेगी की गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध, पुलिस कमिश्नर से मांगा मिलने का समय
नई दिल्ली / देहरादून दिल्ली के मालवीय नगर में हुए होटल अग्निकांड मामले में 65 वर्षीय उत्तराखंडी शेफ (Chef) केशव नेगी की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासियों में भारी रोष है। निर्दोष केशव नेगी की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर उत्तराखंडी समाज अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार के पूर्व मंत्री और उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष व प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केशव नेगी की गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध है। इस आंदोलन का नेतृत्व ‘उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच’ के अध्यक्ष बिट्टू उप्रेती करेंगे।
‘एक शेफ इतनी बड़ी दुर्घटना का दोषी नहीं हो सकता’
धीरेंद्र प्रताप ने दिल्ली पुलिस के आयुक्त (कमिश्नर) सतीश गोलछा के निजी सचिव विवेक को एक पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। पूर्व मंत्री ने कहा है कि केशव नेगी होटल में महज एक शेफ के रूप में काम करते थे और आम जनता का यह दृढ़ विश्वास है कि एक शेफ इतनी बड़ी दुर्घटना का दोषी या जिम्मेदार नहीं हो सकता। धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व में उत्तराखंडी प्रवासियों का एक चार सदस्यीय शिष्टमंडल (डेलीगेशन) जल्द ही पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपेगा।
संगठित अभियान की तैयारी, गृहमंत्री से भी मांगा समय
इस बीच, दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उत्तराखंडी समाज के लोग जगह-जगह बैठकें कर केशव नेगी की रिहाई के लिए एक एकजुट और संगठित अभियान चलाने की रणनीति बना रहे हैं। कानूनी मोर्चे पर भी तैयारी तेज कर दी गई है और उत्तराखंडी मूल के वकील केशव नेगी की मजबूत पैरवी के लिए आगे आए हैं।
धीरेंद्र प्रताप ने यह भी साझा किया कि उन्होंने इस गंभीर विषय को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क साधा है और देश के गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात के लिए समय मांगा है, ताकि निर्दोष केशव नेगी को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

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