

नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में 3 जून 2026 को हुई भीषण आग की घटना में गिरफ्तार कुक (हेड शेफ) केशर नेगी (केसर/केशव नेगी) को सोमवार (27 जुलाई) को साकेत कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 13 विदेशी नागरिक शामिल थे।
एडिशनल सेशंस जज समर विशाल ने नेगी को 50,000 रुपये के जमानत बांड और समान राशि की एक जमानतदार के साथ रिहा करने का आदेश दिया। नेगी 6 जून से न्यायिक हिरासत में थे। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी की निरंतर हिरासत की कोई ठोस जरूरत साबित नहीं की है। न्याय के हित को उचित शर्तें लगाकर सुरक्षित रखा जा सकता है।
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि रसोई में उपकरण चलाना नेगी की रोजमर्रा की ड्यूटी का हिस्सा था। केवल यह तथ्य कि वे किचन में मौजूद थे और अपना काम कर रहे थे, इस स्तर पर आपराधिक लापरवाही या होटल की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं माना जा सकता। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है, इसलिए गवाह के बयान के आधार पर ही दोष तय नहीं किया जा सकता।
नेगी की ओर से वकील दीपक प्रकाश और प्रियंवदा सिंह सोलंकी ने दलील दी कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं, बुजुर्ग और अस्वस्थ हैं। उन्होंने पुलिस के दावे को भी चुनौती दी। नेगी का कहना है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी, जिसके बाद उन्होंने बिजली सप्लाई बंद कर दी और मैनेजर को सूचना दी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हादसे के समय होटल कर्मचारी केशर नेगी रसोई में इलेक्ट्रिक स्टोव पर खाना तैयार कर रहा था। इसी दौरान अचानक स्टोव में तेज धमाका हो गया। विस्फोट के बाद उसने घबराकर होटल की मुख्य बिजली आपूर्ति बंद कर दी। इसके चलते इलेक्ट्रॉनिक सेंसर से संचालित मुख्य प्रवेश द्वार स्वतः लॉक हो गया, जिससे अंदर मौजूद कई लोग बाहर नहीं निकल सके।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद आरोपी अपनी जान बचाकर मौके से फरार हो गया। जांच में यह भी पता चला कि होटल में बाहर निकलने के लिए केवल एक ही एग्जिट उपलब्ध था, जबकि अधिकांश खिड़कियों को स्थायी रूप से बंद रखा गया था। इसी कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं और हादसे का असर और गंभीर हो गया।
यह दर्दनाक हादसा 3 जून की सुबह करीब 8 बजे दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुआ था। आग लगने के बाद पूरे भवन में जहरीला धुआं फैल गया, जिसकी चपेट में आने से 21 लोगों की जान चली गई। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जबकि अनेक अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए और दम घुटने से घायल हुए।
आग पर काबू पाने और होटल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दमकल विभाग और पुलिस ने कई घंटों तक संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान धुएं और आग की लपटों के बीच काम करते हुए 10 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल उठे। अब अदालत से केशर नेगी को जमानत मिलने के बाद मामले की आगामी सुनवाई और ट्रायल पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
इस मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज और मैनेजर/अकाउंटेंट जय मिश्रा भी गिरफ्तार हैं। वे अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। जांच में होटल के लाइसेंस, फायर सेफ्टी, अवैध विस्तार और अन्य सिस्टम संबंधी खामियों का भी खुलासा हुआ है।
अदालत ने नेगी पर शर्तें लगाई हैं—जांच अधिकारी के बुलाए जाने पर सहयोग करना, गवाहों को प्रभावित न करना और बिना अनुमति देश न छोड़ना।

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