पीएमजीकेएवाई उत्तराखंड के गरीबों के लिए बनी संजीवनी: डा. नरेश बंसल

राज्य को 3 साल में 401.459 हजार टन खाद्यान्न और करीब 250 करोड़ की केंद्रीय सहायता

दिल्ली /देहरादून। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) पिछले तीन वर्षों में उत्तराखंड समेत देशभर के गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित हुई है। भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने राज्यसभा में सरकार से पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी साझा की।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में उत्तराखंड को पीएमजीकेएवाई के तहत प्रति वर्ष कुल 401.459 हजार टन खाद्यान्न आवंटित किया गया। पूरे देश के लिए यह आवंटन लगभग 52800 हजार टन प्रति वर्ष रहा।

इसी अवधि में केंद्र प्रायोजित योजना-4048 एनएफएसए के अंतर्गत खाद्यान्न के अंतरा-राज्यीय परिवहन और एफपीएस डीलरों के मार्जिन के लिए उत्तराखंड को लगभग 250 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई। देशभर में यह राशि करीब 21500 करोड़ रुपये रही।

डा. बंसल ने राइटफुल टारगेटिंग पर भी सवाल किया था। जवाब में बताया गया कि उत्तराखंड में लगभग 8.5 लाख लाभार्थियों की पहचान की गई, जिनमें से 80355 अपात्र लाभार्थियों को डेटाबेस से हटाया गया। देश स्तर पर लगभग 60 लाख लाभार्थी चिन्हित किए गए और 23.5 लाख अपात्रों को हटाया गया।

मंत्री ने बताया कि लाभार्थियों के निरंतर सत्यापन के लिए निर्मल रियल-टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर को विभिन्न विभागों के डेटाबेस से जोड़ा गया है। इसमें काॅर्पोरेट कार्य मंत्रालय, सीबीडीटी, पीएफएमएस, जीएसटीएन, सड़क परिवहन मंत्रालय, एग्री स्टैक, ईपीएफओ, गृह, रक्षा, रेल और डाक विभाग शामिल हैं। इनके साथ स्वचालित क्राॅस-वैलिडेशन से पारदर्शिता बढ़ी है, रिकॉर्ड नियमित अपडेट हुए हैं और यह सुनिश्चित हुआ है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ सिर्फ पात्र लोगों को ही मिले।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि पारदर्शी सत्यापन और समय पर खाद्यान्न आपूर्ति से गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिला है और योजना ने राज्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया है।

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