

ऋषिकेश में अपर पुलिस महानिदेशक ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी पुलिस को किया ब्रीफ, पार्किंग से लेकर सांप्रदायिक सौहार्द तक दिए 9 निर्देश
देहरादून। 30 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेला 2026 को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में ऋषिकेश में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) ने पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, पुलिस उप महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), एसएसपी देहरादून, एसएसपी पौड़ी और एसएसपी टिहरी के साथ मिलकर जनपद देहरादून, टिहरी और पौड़ी में मेला ड्यूटी में तैनात समस्त पुलिस बल की ब्रीफिंग की।
ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी की गंभीरता समझाते हुए कई अहम दिशा-निर्देश दिए। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने ड्यूटी प्वाइंट की पूरी जानकारी लेकर पूर्ण निष्ठा से कर्तव्य निभाने और श्रद्धालुओं के प्रति संयमित व मृदुल व्यवहार रखते हुए उनका मार्गदर्शन करने को कहा गया। भारी संख्या में श्रद्धालुओं व वाहनों के आने की संभावना को देखते हुए पूर्व चिन्हित पार्किंग स्थलों में ही वाहन पार्क कराने और वहां आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मेला मार्ग पर लगने वाली अस्थायी दुकानों और बाहर से आए व्यवसायियों का विधिवत सत्यापन करने की भी हिदायत दी गई।
अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को शारीरिक व मानसिक रूप से सुदृढ़ रहते हुए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने को कहा, यह बताते हुए कि मेले में छोटे विवाद अक्सर बड़ा रूप ले लेते हैं। देहरादून, पौड़ी और टिहरी पुलिस को आपसी सामंजस्य के साथ भीड़ व यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने और नीलकंठ मंदिर में भीड़ बढ़ने की स्थिति में पूर्व-निर्धारित डाइवर्ट प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए। बरसात के मौसम को देखते हुए हर पुलिसकर्मी को अपने साथ छाता या बरसाती रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने को कहा गया, साथ ही अनावश्यक विवादों से बचने की सलाह दी गई।
सबसे अहम निर्देश सोशल मीडिया को लेकर दिया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि मेले के दौरान सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सतर्क निगरानी रखी जाएगी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली भ्रामक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी सेक्टर अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मियों को ड्यूटी प्वाइंट पर जाकर ब्रीफ करने और किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विवाद का मौके पर ही समाधान हो सके।

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