

देहरादून । शहर में दिनदहाड़े धारदार हथियारों से जानलेवा हमला करने वाले शातिर अपराधियों पर अब दून पुलिस का डंडा पूरी सख्ती से चलना शुरू हो गया है। दून पुलिस ने एक ऐसी अनोखी और सख्त कार्रवाई की है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। फरार चल रहे अभियुक्तों के घर जब पुलिस बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ पहुंची, तो देखने वालों का तांता लग गया।
क्या था पूरा माजरा?
बीती 28 जून 2026 को देहरादून के प्रसिद्ध एमजे टावर (MJ Tower) के बेसमेंट में प्रियांश जैन नाम के युवक पर जानलेवा हमला हुआ था। आरोप है कि जाबिर भाटी ने अपने साथी आसिफ बाबा उर्फ आसिफ मलिक और अन्य गुर्गों के साथ मिलकर प्रियांश पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए थे, जिससे वह लहूलुहान होकर जिंदगी और मौत के बीच झूलने लगा।
इस खूनी वारदात के बाद से ही आरोपी जाबिर भाटी (पुत्र रुकमुद्दीन) पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
अदालत के आदेश पर हुई ‘मुनादी’ और संपत्ति कुर्की की तैयारी
एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों के बाद कोतवाली नगर पुलिस ने इस शातिर अपराधी पर शिकंजा कसना शुरू किया। कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद जब आरोपी सामने नहीं आया, तो पुलिस ने धारा 84 BNSS (CRPC की धारा 82) के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई शुरू कर दी।

मंगलवार (11 अगस्त) को दून पुलिस जाबिर भाटी के पटेल नगर, देहराखास स्थित टीएचडीसी कॉलोनी वाले घर पहुंची। मोहल्ले के मुख्य चौराहों और आरोपी के घर के बाहर ढोल-नगाड़े बजाकर मुनादी कराई गई और आरोपी के घर के मुख्य दरवाजे समेत इलाके के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया गया।
अब क्या होगा जाबिर भाटी का?
पुलिस ने दो गवाहों की मौजूदगी में ढोल-नगाड़ों की थाप पर साफ़ लहज़े में ऐलान किया— “जाबिर भाटी, तुरंत अदालत के सामने आत्मसमर्पण करो, वरना अगली बारी पूरे मकान और संपत्ति को कुर्क करने की होगी!”
पुलिस की इस धमाकेदार कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अपराधियों में खौफ का माहौल है। दून पुलिस का साफ संदेश है कि कानून से भागने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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