

देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद अब इसी मैदान को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
जनसभा के तीन दिन बाद, 11 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन की ओर से रामलीला मैदान में उस मंच का शुद्धिकरण यज्ञ कराया गया, जहां से मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस की जनसभा को संबोधित किया था। संगठन की ओर से इसे मंच की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने की पहल बताया गया है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ दिन पहले यहां राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें मंच से ऐसे नारे लगाए गए, जिन्हें इस सांस्कृतिक मंच पर नहीं लगाया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि रामलीला मैदान धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ा स्थान है, इसलिए भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल को यहां इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा की सोच अब इस स्तर तक पहुंच गई है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच पर आने के बाद उसका शुद्धिकरण कराया जा रहा है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे सामाजिक और राजनीतिक रूप से आपत्तिजनक बताया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा में आने वाली भीड़ को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से जिस तरह की कार्रवाई की गई, उस पर सवाल उठे थे। अब रामलीला मैदान में हुई इस घटना का भी प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए।
गोदियाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से यह पूरा घटनाक्रम सामने आया है, क्या इसमें मानवता को शर्मसार करने वाला कोई कृत्य नहीं हुआ? उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
दरअसल, उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं। राष्ट्रीय नेताओं के लगातार प्रदेश दौरे हो रहे हैं और बड़ी जनसभाओं के जरिए कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरने के साथ जनता के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस ने 8 अगस्त को हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के जरिए अपने चुनावी अभियान को धार देने का प्रयास किया था। खड़गे ने अपने संबोधन में युवाओं, रोजगार, भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा था। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर युवाओं को बिना भ्रष्टाचार और सिफारिश के रोजगार देने का भरोसा भी दिलाया।
अब जनसभा के बाद रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण यज्ञ ने उत्तराखंड की सियासत में एक नया मुद्दा जोड़ दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

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