

देहरादून। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गुरुवार को लोक भवन में उल्लास और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) को रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएं दीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी बहनों का आभार व्यक्त करते हुए रक्षाबंधन को प्रेम, विश्वास और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बताया।
इसी क्रम में सेपियंस स्कूल विकासनगर, हिंदुस्तान स्काउट्स एवं गाइड्स उत्तराखंड, समर वैली स्कूल देहरादून तथा देवभूमि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल हरिद्वार की छात्राओं ने भी राज्यपाल को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स और समर वैली स्कूल की छात्राओं ने देशभक्ति समूह नृत्य प्रस्तुत किया। एसओएस चिल्ड्रन विलेज के बच्चों द्वारा ‘राम आएंगे’ गीत की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में आध्यात्मिक और भावनात्मक रंग भर दिया।

सेपियंस स्कूल की छात्राओं ने ‘रक्षा बंधन-राष्ट्र के प्रत्येक रक्षक का सम्मान’ विषय पर लघु नाटिका के माध्यम से देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया, वहीं देवभूमि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने छात्राओं और बच्चों के साथ संवाद करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, विश्वास, जिम्मेदारी और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करने का अवसर है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों से लेकर समाज और परिवार की सुरक्षा में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करना इस पर्व की भावना को और व्यापक बनाता है।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम यह संदेश देते हैं कि नई पीढ़ी को संस्कारों के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। उन्होंने सभी छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम में शामिल सभी बहनों और छात्राओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राज्यपाल की ओर से छात्राओं को स्मृति-चिह्न भी भेंट किए गए। कार्यक्रम में लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी और संबंधित विद्यालयों के शिक्षक भी उपस्थित रहे।

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