
पौड़ी। प्रमुख सचिव एवं जनपद के प्रभारी सचिव दिलीप जावलकर ने नयार नदी पुनर्जीवन परियोजना की डीपीआर एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (सारा) की बैठक में उन्होंने डीपीआर की समीक्षा की।
प्रभारी सचिव ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी नयार में वैज्ञानिक हस्तक्षेप से जल प्रवाह और पर्यावरणीय संतुलन सुधारा जाएगा। नयार घाटी जनपद की पेयजल, सिंचाई एवं ग्रामीण आजीविका का प्रमुख आधार है, इसलिए नदी और जल स्रोतों का संरक्षण जरूरी है।
परियोजना के तहत जलागम आधारित उपचार, कंटूर ट्रेंच, तालाब व चेकडैम निर्माण, माइक्रोप्लानिंग, जियोटैगिंग तथा डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे उपाय अपनाए जाएंगे। सभी जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण जियोटैग लोकेशन के आधार पर होगा, ताकि गुणवत्ता व पारदर्शिता रहे।
उन्होंने चेकडैमों की गुणवत्ता सुधार, नियमित निरीक्षण और आसपास व्यापक पौधारोपण के निर्देश दिए। जल संरक्षण में स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
सीडीओ को पूर्वी एवं पश्चिमी नयार क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों का समेकित डाटा तैयार करने और विभिन्न विभागों के सर्वेक्षणों की जानकारी संकलित करने को कहा गया।
बैठक के बाद प्रभारी सचिव ने पुराने कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज भवन के रूप में विकसित करने के कार्यों का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध काम पूरा करने और भवन की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखने के निर्देश दिए। आगंतुकों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने को भी कहा।
बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, डीएफओ महातिम यादव, एडीएम एफ आर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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