

अल्मोड़ा । उत्तराखंड की इकलौती महिला कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की विधानसभा सोमेश्वर में महिलाओं की बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। सोमेश्वर बाजार की एक स्थानीय युवती ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर बताया कि उसकी सहेली को अचानक मासिक धर्म शुरू होने पर टॉयलेट की जरूरत पड़ी, लेकिन न तो होटल वाले ने वॉशरूम इस्तेमाल करने दिया और न ही उपलब्ध पब्लिक टॉयलेट में दरवाजे थे।
युवती ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए कहा, “आप सभी को मेरा प्रणाम, मैं सोमेश्वर क्षेत्र की निवासी। कुछ ही घंटे पहले की बात है। सोमेश्वर मार्केट में मेरी दोस्त के पीरियड्स हो गए। पीरियड्स लगना गलत तो नहीं है और ना ही यह कोई बीमारी है। यह एक नेचुरल प्रक्रिया है। इमरजेंसी में जब हमें वॉशरूम की जरूरत पड़ी तो हम चौराहे पर स्थित रेस्टोरेंट गए और अनुमति मांगी। लेकिन वहां हमें साफ मना कर दिया गया कि आप यहां वॉशरूम इस्तेमाल नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि तल्ली बाजार में पब्लिक टॉयलेट है, वहां जाओ। वह टॉयलेट करीब 300 मीटर दूर था और उसमें दरवाजे ही नहीं थे।”
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग महिला मंत्री की विधानसभा में महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी पर सवाल उठा रहे हैं।
विधायक प्रतिनिधि का जवाब
सोमेश्वर के भाजपा नेता और विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी ने इस मामले पर कहा कि सोमेश्वर चौराहे से महज 100 मीटर दूर तल्ली बाजार में महिला शौचालय मौजूद है। वहां दरवाजे हैं और सफाई कर्मचारी भी लगातार तैनात रहते हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो में आरोप लगाने वाली बहन को शायद इसकी जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्हें परेशानी हुई।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने इस घटना को उत्तराखंड पर दाग बताया। उन्होंने कहा, “रेखा आर्या महिला सशक्तिकरण के लिए कभी पैनिक बटन लॉन्च करती हैं तो कभी साइकिल रैली निकालती हैं। लेकिन वूमेन एम्पावरमेंट तो होता रहेगा, पहले अपनी विधानसभा में महिलाओं को मूलभूत सुविधाएं तो दीजिए।”
पहले भी उठ चुका है सवाल
अल्मोड़ा में सार्वजनिक शौचालयों की कमी का यह पहला मामला नहीं है। कुछ महीने पहले अल्मोड़ा पहुंची एक इजरायली पर्यटक महिला ने भी वीडियो के जरिए बाजार में पब्लिक टॉयलेट न होने की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। पर्यटक अगर लंबे समय तक रुकना चाहें तो बिना टॉयलेट की सुविधा के यह कैसे संभव है।
अब स्थानीय युवती के वीडियो ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। सवाल सीधे प्रशासन और सरकार से है—अगर बाजार में किसी महिला को अचानक शौचालय की जरूरत पड़ जाए तो उसके लिए सम्मानजनक और सुरक्षित जगह आखिर कहां है?
महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़े इस बुनियादी मुद्दे पर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग हो रही है।

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