
0-परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
नईदिल्ली,24 अगस्त (आरएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में छात्र महाआंदोलन के बैनर तले हजारों छात्र और शिक्षक कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थी और शिक्षक 24 और 25 अगस्त को यहां क्रांति मार्च के लिए इक_े हुए हैं। इन लोगों की मांगों में एसएससी की परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं को दूर करना, तकनीकी और प्रशासनिक कमियों को दूर करना और परीक्षा कराने वाली एजेंसी को हटाने समेत कई मुद्दे शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों की पहली मांग परीक्षा कराने वाली एजेंसी एजुक्विटी को हटाने की है। छात्रों का कहना है कि एजेंसी पहले विवादों में रही है और ब्लैकलिस्टेड भी रह चुकी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा में व्यवधान और तकनीकी गड़बडिय़ों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई बार अचानक परीक्षा रद्द कर दी गई, कंप्यूटर सर्वर क्रैश, बायोमेट्रिक सिस्टम का फेल होना और गलत परीक्षा केंद्र आवंटन जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि कई परीक्षाओं के रद्द होने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई की जाए। परीक्षा प्रक्रिया में स्थिरता, पारदर्शिता और तकनीकी खामियों को दूर किया जाए। परीक्षा प्रणाली में जिम्मेदारी तय हो और गड़बडिय़ों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि कई परीक्षा केंद्रों पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। ऐसे में जिम्मेदार स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों की जवाबदेही तय की जाए।
31 जुलाई को देशभर के शिक्षक और अभ्यर्थी एसएससी के खिलाफ प्रदर्शन के लिए दिल्ली में एकत्रित हुए थे। ये सभी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग कार्यालय के पास प्रदर्शन कर रहे थे। तब पुलिस ने कई लोगों पर लाठियां बरसाई थीं और कुछ शिक्षकों को गिरफ्तार भी कर लिया था। शिक्षकों ने कहा था कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और मंत्री जितेंद्र सिंह से मिलना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस ने खदेड़ दिया।
24 जुलाई से 1 अगस्त तक एसएससी ने सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 की परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित कराई थीं। इस दौरान कथित तौर पर सॉफ्टवेयर क्रैश होना, बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होने और गलत परीक्षा केंद्र आवंटन जैसी कई गड़बडिय़ां सामने आई थीं। कई अभ्यर्थी सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा देने आए थे, लेकिन केंद्र पर पहुंचकर पता चला कि परीक्षा रद्द कर दी गई है। अभ्यर्थियों ने इसका जिम्मेदार परीक्षा कराने वाली एजेंसी और एसएससी में अनियमितताओं को बताया था।

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