

देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने और अवैध हथियारों के अंतर्राज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मेरठ (उत्तर प्रदेश) के शिवा शस्त्रागार/गन हाउस के मालिक शैलेन्द्र पुत्र राजपाल को गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ के मुताबिक इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड तक जुड़े हैं और मामले की गहन जांच जारी है।
कैसे खुला मामला: जनवरी में बरामदगी के बाद जांच तेज
यह कार्रवाई थाना प्रेमनगर, देहरादून में दर्ज मुकदमा संख्या 09/2026 की विवेचना के दौरान हुई। 15 जनवरी 2026 को इसी प्रकरण में पहले गिरफ्तार किए गए अभियुक्त मनोज कुमार के कब्जे से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस, एक अवैध .30 बोर सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि मनोज कुमार के शस्त्र लाइसेंस को कागजों पर सिरसा से मेरठ और फिर देहरादून स्थानांतरित दिखाया गया था, जबकि सिरसा जिलाधिकारी कार्यालय से ऐसा कोई लाइसेंस जारी ही नहीं हुआ था; लाइसेंस पूरी तरह फर्जी पाया गया।
गन हाउस मालिक की भूमिका: साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी
विवेचना में मिले साक्ष्यों से यह तथ्य उभरा कि फर्जी लाइसेंस तैयार कराने में मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित शिवा शस्त्रागार के मालिक शैलेन्द्र पुत्र राजपाल (निवासी 69, गायत्री ग्रीन, बाईपास रोड, कंकरखेड़ा, मेरठ) की भूमिका रही। इसके बाद एसटीएफ टीम ने शैलेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया।
अभियुक्त का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार शैलेन्द्र के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं:
– मुकदमा संख्या 693/2024, धारा 340, 338, 336, 318, 3 एवं 109 बीएनएस, थाना कंकरखेड़ा, मेरठ।
– मुकदमा संख्या 09/2026, धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भादवि एवं धारा 5/25 आर्म्स एक्ट, थाना प्रेमनगर, देहरादून।
अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जांच जारी
एसटीएफ के अनुसार फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने वाले अंतर्राज्यीय नेटवर्क की कड़ियां उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से जुड़ी हैं। नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एसटीएफ टीम का योगदान
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF के निर्देशन में गठित टीम शामिल रही। प्रेस नोट में नामित टीम सदस्यों में निरीक्षक यादविंदर सिंह बाजवा, उप-निरीक्षक कमाल हसन, अपर उप-निरीक्षक योगेंद्र सिंह, कांस्टेबल दीपक चंदोला और कांस्टेबल दीपक नेगी शामिल रहे।
पृष्ठभूमि: STF का अभियान निरंतर
उत्तराखंड STF ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रखा है और संगठित अपराध में संलिप्त प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की बात कही है। इसी क्रम में साइबर अपराध के खिलाफ भी हाल में ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ चलाकर एसटीएफ ने बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज की और गिरफ्तारियां की थीं, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।

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