यमुना तट पर भक्ति और प्रेम की धारा : आयुष कृष्ण नयन महराज

भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सागर, आयुष कृष्ण नयन के प्रवचनों ने किया भावविभोर

नगाण गांव में गूंजा भक्ति रस: जमदग्नि ऋषि की तपोभूमि की महिमा सुन श्रद्धालु मंत्रमुग्ध

उत्तरकाशी।  तहसील बड़कोट के नगाण गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा प्रवचन उत्तराखंड के प्रसिद्ध बाल कथाकार पं० आयुष कृष्ण नयन जी महाराज ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान की स्वर्गीय पत्नी श्रीमती उमा चौहान की स्मृति में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन के अवसर प्रवचन की शुरुआत मंगलाचरण और गढ़वाली भजन “यमुना कु किनारू, बड़े भागवानु तय मिलदू, भक्ति को उज्यालो, मन भीतर तक खिलदू से किया।

इस दौरान कथा व्यास ने भक्ति और प्रेम का अद्भुत संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जहाँ-जहाँ यमुना का पावन तट होता है, वहाँ-वहाँ स्वतः ही भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कंध का संदर्भ देते हुए बताया कि उसमें यमुना तट की दिव्यता और श्रीकृष्ण की लीलाओं का अत्यंत सुंदर वर्णन मिलता है। यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम की प्रतीक धारा है, जो जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करती है।
इसके साथ ही कथा व्यास ने गंगा माता की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि “गंगा ज्ञानदायिनी है, जो केवल जल नहीं देती, बल्कि जीवन को पवित्रता और ज्ञान से आलोकित करती है।”श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह कथा केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि देवताओं के लिए भी अत्यंत दुर्लभ बताया गया है।

इस से पूर्व उन्होंने धार्मिक प्रसंगों को सरल और रोचक शैली में प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं को भक्ति रस में डुबो दिया। विशेष रूप से थाना गांव स्थित महर्षि जमदग्नि की तपोभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस पवित्र भूमि की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि यही वह पुण्य धरा है, जहां माता रेणुका के पुत्र भगवान परशुराम का जन्म हुआ, जिन्होंने अधर्म के विनाश हेतु सहस्रबाहु का संहार किया था।
महाराज जी के प्रवचनों में इतिहास, आस्था और संस्कृति का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार महसूस किया गया।

आयोजक मनवीर सिंह चौहान एवं समस्त नणावासी के अनुसार, श्रीमद् भागवत कथा के रसपान करने की अपील की है । कथा के सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और हर दिन विशाल भंडारा का भी आयोजन किया जा रहा है।

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