

Sanchar Saathi पोर्टल से मिलेंगी ये सुविधाएं, साइबर ठगों से बचाव में आएगी मदद
देहरादून/लखनऊ। साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए उत्तराखंड पुलिस और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों विभागों के बीच एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें साइबर ठगी रोकथाम की नई तकनीकें और रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अब आम जनता के पास अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त करने का एक सीधा रास्ता है — Sanchar Saathi पोर्टल।
सुरक्षा की नई पहल
अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उत्तराखंड पुलिस के शीर्ष अधिकारी और दूरसंचार विभाग की टीम शामिल रही। पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरने, एसटीएफ के एडीजी अजय सिंह, साइबर क्राइम के विशेषज्ञ शांतनु पाराशर जैसे अधिकारियों के साथ दूरसंचार विभाग के राजीव बंसल, आदित्य सिंह और अन्य अधिकारियों ने साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप पर गहन विमर्श किया।
“साइबर अपराध हर दिन नई शक्लें ले रहे हैं। फर्जी सिम कार्ड, अनधिकृत कनेक्शन, डिजिटल धोखाधड़ी — यह सब कुछ अब रोज की खबर बन गई है। लेकिन अब तकनीक के जरिए हम इसे रोक सकते हैं,” बैठक में यह भावना व्यक्त की गई।
तीन शक्तिशाली हथियार: Sanchar Saathi, TAF-COP, CEIR
पोर्टल ने आम जनता को तीन शक्तिशाली सुविधाएं प्रदान की हैं:
1. TAF-COP — अपने नाम पर सभी सिम को जानो
यह सबसे महत्वपूर्ण सुविधा है। अब हर नागरिक अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त कर सकता है। क्या कभी आपको शक हुआ है कि आपके नाम पर कहीं फर्जी सिम तो नहीं सक्रिय है? TAF-COP से यह पता चल जाएगा। यदि कोई अनधिकृत या संदिग्ध नंबर दिखता है, तो आप तुरंत उसे बंद कराने का अनुरोध कर सकते हैं।
2. CEIR — खोया मोबाइल वापस पाने का सीधा रास्ता
CEIR का मतलब है Central Equipment Identity Register। यदि आपका मोबाइल खो गया है या चोरी हुआ है, तो आप उसे ब्लॉक कर सकते हैं। ब्लॉक किए गए फोन को चोर नेटवर्क पर सक्रिय नहीं कर सकते। साथ ही, यदि बाद में आपका फोन मिल जाता है, तो आप उसे पुनः अनब्लॉक कर सकते हैं। IMEI के माध्यम से आप मोबाइल की वर्तमान स्थिति को ट्रैक भी कर सकते हैं।
3. Chakshu — साइबर ठगों की रिपोर्ट करो सीधे
यह एक रिपोर्टिंग पोर्टल है जहां आप संदिग्ध कॉल, SMS, WhatsApp संदेशों या साइबर धोखाधड़ी के प्रयासों की रिपोर्ट कर सकते हैं। फर्जी KYC, नकली बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी बनकर डराने वाले, डिजिटल अरेस्ट की धमकी — सब कुछ यहां रिपोर्ट किया जा सकता है।
जनता के लिए और भी सुविधाएं
Sanchar Saathi पोर्टल पर इसके अलावा भी कई सुविधाएं हैं:
- Suspected Fraud Communication Reporting — साइबर ठगी में प्रयुक्त नंबरों, SMS, ई-मेल की रिपोर्ट करें
- International Spoofed Calls Awareness — विदेश से आने वाली फर्जी कॉल के बारे में जागरूकता प्राप्त करें
- Citizen Awareness — साइबर सुरक्षा की सलाह और दिशा-निर्देश
तकनीकी समन्वय बढ़ेगा
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया — उत्तराखंड पुलिस और दूरसंचार विभाग के बीच तकनीकी समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। इसका मतलब है कि:
- सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान होगा
- फर्जी सिम को रोकने के लिए नई नीतियां बनाई जाएंगी
- संयुक्त प्रवर्तन (Joint Enforcement) में तेजी आएगी
राज्यभर में व्यापक जागरूकता अभियान
अपर पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिया है कि Sanchar Saathi पोर्टल का राज्यभर में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि हर नागरिक इन सुविधाओं से लाभ उठा सके और साइबर अपराधों से सुरक्षित रह सके।
आप क्या कर सकते हैं आज ही?
अगर आप भी चिंतित हैं कि आपके नाम पर कहीं फर्जी सिम तो नहीं है, तो आज ही Sanchar Saathi पोर्टल पर जाकर TAF-COP चेक करें। बस अपना नंबर दर्ज करें और अपने नाम पर सभी सक्रिय मोबाइल कनेक्शन देख लें। कोई संदिग्ध नंबर दिखे, तो तुरंत रिपोर्ट करें।
साइबर अपराध रुकेगा कि नहीं?
यह तकनीकें महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सबसे जरूरी है जनता की जागरूकता। अगर हर व्यक्ति अपने नाम पर सिम चेक करने लगे, अनधिकृत कनेक्शन बंद कराने लगे, और संदिग्ध कॉल-SMS की रिपोर्ट करने लगे, तो साइबर ठगों के पंख कट जाएंगे। यह तो एक बड़ा कदम है, पुलिस और दूरसंचार विभाग का यह समन्वय साइबर अपराधों के खिलाफ एक नई लड़ाई की शुरुआत है।
Sanchar Saathi पोर्टल कैसे एक्सेस करें:
- वेबसाइट: sanchar.saathi.gov.in
- TAF-COP के लिए अपना नंबर दर्ज करें
- CEIR से खोए फोन को ब्लॉक करें
- Chakshu पर साइबर ठगी की रिपोर्ट करें
महत्वपूर्ण कांटेक्ट नंबर:
- पुलिस साइबर सेल: 1064 (टोल फ्री)
- STF/ANTF: 0135-2656202, 9412029536

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