

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के चरम की ओर बढ़ते ही धर्मनगरी हरिद्वार के बाजारों में रौनक लौट आई है। लाखों कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने और गंगाजल लेकर लौटने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। प्रमुख बाजारों, होटल-ढाबों, रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार, पूजा सामग्री और रुद्राक्ष की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने से व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। कांवड़िये केवल कांवड़ और पूजा सामग्री ही नहीं, बल्कि कपड़े, प्रसाद, धार्मिक वस्तुएं और अन्य सामान की भी खरीदारी करते हैं। पिछले दस दिनों से बाजारों में लगातार चहल-पहल बनी हुई है और आने वाले दिनों में डाक कांवड़ शुरू होने के साथ कारोबार के और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
व्यापारी सचिन कुमार ने बताया कि बाजार में अभी अपेक्षित रफ्तार नहीं आई है, लेकिन गुरु पूर्णिमा तक व्यापार संतोषजनक रहा। उन्होंने कहा कि दुकानों की संख्या बढ़ने के बावजूद छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को मेले का लाभ मिलता है।

व्यापारियों के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में कई कारोबारों में लगभग 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की जा रही है। पूजा सामग्री की दैनिक बिक्री 15 हजार रुपये से बढ़कर 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि कुछ होटल और ढाबों की रोजाना की आमदनी 10-20 हजार रुपये से बढ़कर 80-90 हजार रुपये तक पहुंच रही है।
शहर के प्रमुख बाजारों और हाईवे किनारे स्थित प्रतिष्ठानों पर सुबह से देर शाम तक कांवड़ियों की आवाजाही बनी हुई है। विशेषकर शाम के समय सबसे अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। व्यापारियों को भरोसा है कि आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ हरिद्वार का कारोबार इस वर्ष भी नए रिकॉर्ड बनाएगा।

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