अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने उच्चस्तरीय जांच की उठाई आवाज
ब्राह्मण समाज के उत्पीड़न व यूजीसी एक्ट पर गहरी चिंता जताई
देहरादून । अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा (उत्तराखंड) ने प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित प्रशासनिक दुर्व्यवहार और ब्राह्मण समाज के विरुद्ध हो रहे निरंतर मानसिक एवं सामाजिक उत्पीड़न के विरोध में महामहिम द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन प्रेषित कर उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की है।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि महामहिम राष्ट्रपति को जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रयागराज माघ मेला जैसे पवित्र धार्मिक आयोजन के दौरान शंकराचार्य जी तथा उनके साथ उपस्थित ब्राह्मण बटुकों के साथ किया गया व्यवहार सनातन परंपराओं का अपमान है और इससे देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
महासभा ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में ब्राह्मण समाज के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणियां, दुर्भावनापूर्ण बयानबाजी और मानसिक उत्पीड़न लगातार बढ़ता जा रहा है, जो सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संतुलन और राष्ट्रीय एकता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
ज्ञापन में 13 जनवरी 2026 से लागू किए गए यूजीसी एक्ट को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई है। महासभा का कहना है कि इस कानून को लेकर ब्राह्मण समाज, पारंपरिक गुरुकुलों और संस्कृत शिक्षण संस्थानों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। इसे सनातन शिक्षा परंपरा और बौद्धिक विरासत को कमजोर करने वाला कदम बताया गया है, जिसकी निष्पक्ष और संवैधानिक समीक्षा आवश्यक है।
महासभा ने राष्ट्रपति से मांग की है कि—
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य जी के साथ हुई प्रशासनिक कार्रवाई की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र जांच कराई जाए;
ब्राह्मण समाज के विरुद्ध हो रहे मानसिक, सामाजिक और वैचारिक उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए;
यूजीसी एक्ट की व्यापक समीक्षा कर सनातन शिक्षा, गुरुकुल व्यवस्था और समाज के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए;
तथा सांस्कृतिक जागरण और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
महासभा ने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति का गरिमामय हस्तक्षेप समाज को न्याय, विश्वास और सांस्कृतिक संतुलन की दिशा में नई राह देगा।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव उमाशंकर शर्मा, प्रदेश संगठन सचिव मनोज शर्मा, संरक्षक लालचंद शर्मा एवं सुरेंद्र दत्त शर्मा, जिलाध्यक्ष संजय खंडूरी, प्रदेश विधि प्रकोष्ठ संयोजक सीताराम नौटियाल, महिला प्रदेश उपाध्यक्ष सावित्री शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेती सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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