

ऋषिकेश। उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर के दूसरे और तीसरे दिन बड़ी संख्या में मरीजों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का परीक्षण, परामर्श तथा आवश्यक जांचें की गईं। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से क्षेत्रीय जनता में उत्साह देखा गया और अवकाश के दिन भी लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के निर्देशन एवं शिविर प्रभारी के समन्वय में संचालित इस शिविर के दूसरे दिन कुल 383 लाभार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कीं, जिनमें 247 पुरुष और 136 महिलाएं शामिल रहीं। वहीं तीसरे दिन मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और कुल 795 लाभार्थियों ने सेवाएं लीं, जिनमें 367 पुरुष तथा 428 महिलाएं शामिल थीं। इस प्रकार दोनों दिनों में कुल 1178 लोगों ने शिविर का लाभ उठाया।
शिविर के दौरान सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ गैर-संचारी रोगों की जांच पर भी विशेष ध्यान दिया गया। दोनों दिनों में कुल 284 व्यक्तियों की उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की जांच की गई। इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत कुल 107 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई। महिला स्वास्थ्य और किशोरी कल्याण को ध्यान में रखते हुए कुल 35 किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के संबंध में परामर्श दिया गया, जबकि 60 लाभार्थियों को पोषण एवं समुचित देखभाल के विषय में जागरूक किया गया।
शिविर में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत भी प्रभावी गतिविधियां संचालित की गईं। दूसरे और तीसरे दिन मिलाकर कुल 296 व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत कुल 239 लाभार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्रदान किया गया। इससे स्पष्ट है कि शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता और रोगों की रोकथाम की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निदान सेवाओं के स्तर पर भी शिविर काफी उपयोगी साबित हुआ। अस्पताल की प्रयोगशाला में हीमोग्लोबिन, एलएफटी, केएफटी और लिपिड प्रोफाइल सहित कुल 254 व्यक्तियों की जांचें की गईं। इसके अतिरिक्त 145 एक्स-रे तथा 94 अल्ट्रासाउंड जांचें भी कराई गईं। बड़ी संख्या में हुई इन जांचों से मरीजों को एक ही स्थान पर परामर्श और परीक्षण की सुविधा मिली, जिससे उन्हें समय और संसाधनों दोनों की बचत हुई।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने शिविर में सेवाएं देने वाले सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि क्षेत्र की जनता को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर सुलभ कराई जाएं, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूरस्थ स्थानों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के शिविर भविष्य में भी आमजन को राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के चिकित्सा शिविर न केवल मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराते हैं, बल्कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के अंतर को भी कम करने में मददगार सिद्ध होते हैं। ऋषिकेश में आयोजित यह शिविर इसी दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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