देहरादून। 15-16 फरवरी 2024 की देर रात्रि प्रेमनगर के सुविधा स्टोर से पैदल लौट रहे क्षितिज चौधरी और उसके दोस्त की जिंदगी रफ्ता-रफ्ता बदल गई। तेज रफ्तार और लापरवाही से डम्पर चालक ने क्षितिज को जोरदार टक्कर मार दी। घायल क्षितिज को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 17 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मां ललिता चौधरी पत्नी अशोक चौधरी, निवासी 20 कर्जन रोड डालनवाला ने 19 फरवरी 2024 को थाना प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मुकदमा संख्या 28/24 धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 304ए (लापरवाही से मौत) भादवि के तहत दर्ज किया।
लंबी जांच लेकिन आरोपी अज्ञात
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। घटना वाले रूट के सभी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। आरटीओ कार्यालय से उस रात गुजरे सभी डम्परों की जानकारी मांगी। कुल 5 अलग-अलग विवेचकों ने साक्ष्य जुटाए। लेकिन देर रात सड़क पर अंधेरा होने से किसी CCTV में डम्पर का नंबर कैद नहीं हुआ। कोई ठोस क्लू न मिलने पर 19 अगस्त 2025 को कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट भेजी गई। कोर्ट को बताया गया कि पतारसी-सुरागरसी जारी रहेगी।
मां की गुहार पर एसएसपी सतर्क
इसी बीच मृतक की मां ललिता चौधरी ने एसएसपी देहरादून से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि उनके पास घटना से जुड़े कुछ नए साक्ष्य हैं। एसएसपी ने इन साक्ष्यों की पड़ताल के निर्देश दिए। पता चला कि ये साक्ष्य पहले से जांच में शामिल हैं, फिर भी मां के नए सबूतों की दोबारा जांच के आदेश दिए गए।
मामला कोर्ट में लंबित होने से अतिरिक्त विवेचना के लिए न्यायालय से अनुमति ली जा रही है। कोर्ट की मंजूरी मिलते ही मां के सौंपे सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। परिवार को न्याय दिलाने की उम्मीद जगी है।

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