
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल दिसंबर 2028 तक तैयार, हरिद्वार-देहरादून दोहरीकरण को हरी झंडी
देहरादून। उत्तराखंड की रेल परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के बीच अहम बैठक हुई। बैठक में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, हरिद्वार-देहरादून दोहरीकरण और कुम्भ 2033 की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना दिसंबर 2028 तक पूरी कर ली जाएगी। मुख्य सचिव ने ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन की DPR रेलवे बोर्ड को भेजकर उसे स्वीकृत करने और इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर 100% लागत केंद्र सरकार से वहन करने का अनुरोध किया।
हरिद्वार-देहरादून दोहरीकरण पर रेलवे बोर्ड ने बताया कि हरिद्वार-मोतीचूर-रायवाला खंड को मंजूरी मिल चुकी है। काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में हरिद्वार-मोतीचूर तक दोहरी लाइन बिछेगी। इस खंड में अतिक्रमण बड़ी बाधा है, जिसे हटाने में राज्य सरकार ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। रेलवे बोर्ड ने रायवाला से देहरादून तक दोहरीकरण का सर्वे करने के लिए DRM उत्तर रेलवे को निर्देशित किया है। मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला 2033 से पहले सर्वे पूरा करने और रायवाला में वायाडक्ट बनाने का अनुरोध किया ताकि मेले की भीड़ सुगमता से निकले।
मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन सभी रेल लाइनों में एस्केप टनल को मोटरेबल बनाने और टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की DPR शीघ्र स्वीकृत करने की मांग भी रखी। RRTS कॉरिडोर मेरठ-ऋषिकेश में ऋषिकेश-लक्ष्मण झूला-हर की पैड़ी 78 किमी संरेखण की DPR पर सैद्धांतिक सहमति बनी। समन्वय के लिए अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी बनाया गया।
रेलवे बोर्ड ने बताया कि देहरादून स्टेशन को आदर्श स्टेशन और हर्रावाला स्टेशन को 25 साल की जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने कुम्भ मेले में होने वाले फुटफॉल को देखते हुए शॉर्ट और मिड टर्म योजना बनाने पर जोर दिया। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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