
देहरादून(आरएनएस)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश में चल रहे सहकारिता चुनावों की प्रक्रिया पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए विभाग पर सत्ता पक्ष के दबाव में मनमानी प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाया है। निर्वाचन प्राधिकरण को लिखे पत्र में अध्यक्ष माहरा ने कहा कि सहकारिता चुनावों की पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। उन्होंने कहा कि 25 जनवरी को निर्वाचन प्राधिकरण कार्यालय के एक आदेश के अनुसार प्रदेश की बहुउद्देशीय प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियों की प्रबंध कमेटी के सदस्यों के चुनाव 24 फरवरी को होने थे। आदेश के अनुसार 15 फरवरी को तीन बजे तक नामांकन पत्रों की बिक्री होनी थी। लेकिन नामांकन पत्रों की बिक्री के दिन मतदाता सूची में परिवर्तन कर अधिसूचना होने के 45 दिन पहले और तीन साल पूर्व के बाद जो कि 2021 के बाद जिन्होंने समिति में लेन-देन किया है, वही सफल मतदाता, सदस्य होंगे। इस प्रक्रिया में उच्च न्यायालय का हवाला देते हुए 2021 से पूर्व के नियमित सदस्यो को हटा दिया गया है। लेकिन नियमित सदस्य जो स्थायी सदस्य थे उनका जानबूझ कर मतदाता सूची से नाम काट कर समिति की चुनावी प्रक्रिया को सता पक्ष की ओर करना प्रतीत होता है। माहरा ने संचालन समिति की आवेदन की तिथि 15 फरवरी से बढ़ाकर 20 फरवरी करने की मांग की है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी हो सके।

Recent Comments