थलीसैण के आपदाग्रस्त क्षेत्र चौथान पहुंचे कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

पैदल चलकर प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण, पीड़ितों को बंधाया ढ़ांढस

जिला प्रशासन को दिये राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

देहरादून/ पौड़ी। सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने लगातार दूसरे दिन थलीसैण ब्लॉक के आपदा प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से मिलकर आपदा से हुये नुकसान की जानकारी लेते हुये उन्हें सरकार की ओर से यथा संभव मदद का भरोसा दिया। डॉ. रावत ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को ग्रामीणों का हुये नुकसान का ठोस आंकलन कर उचित मुआवजा देने के निर्देश दिये।

डॉ. रावत ने शुक्रवार को बांकुडा चौथान, नौगांव, पज्याणा, बहेड़ी, पाटुली, भरीख सहित ढाईज्यूली पट्टी तथा पैठाणी क्षेत्र के कई गांवों में पैदल पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिलकर उनके दुःख को साझा किया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वह उनके साथ खड़े हैं। डॉ. रावत ने इस दौरान पीड़ित परिवारों की महिलाओं व बुजुर्गों से बात कर राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान डॉ. रावत ने कहा कि आपदा से क्षेत्र के कई गांवों को भारी नुकसान पहुंचा है, ग्रामीणों के खेत-खलियान, मकान व दुकान जमींदोज हो गये हैं, साथ ही खड़ी फसल व पशुधन की भी बड़ी हानि हुई है। इसके अलावा क्षेत्र की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है और संचार व्यवस्था ठप हो चुकी है। डॉ. रावत ने बताया कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिये कि आपदा प्रभावित सभी परिवारों को शीघ्र मुआवजा देकर फौरी तौर पर राहत पहुंचाये। उन्होंने नौगांव व पज्याणा को जोड़ने वाली सड़क को प्राथमिकता के आधार शीघ्र खोलने को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिर्नेश दिये ताकि क्षेत्र में आवागमन सुचारू हो सके और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण के दौरान उनके साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

कलगढ़ी पुल व क्षतिग्रस्त सड़कों पर शीघ्र हो काम
कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने आपदा से क्षतिग्रस्त कलगढ़ी पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वैली ब्रिज निर्माण सामग्री पहुँच चुकी है और पुल निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू होगा, जिससे क्षेत्र में आवागमन जल्द बहाल जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी बाधित सड़कों को युद्धस्तर पर खोलने के लिए पर्याप्त जनशक्ति और मशीनरी उपयोग में लाई जाय।
राहत कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं”: डॉ. रावत
डॉ रावत ने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को राहत व पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये साथ ही इसकी निरंतर मॉनिटिरिंग करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में पीड़ितों व प्रभावितों के साथ सरकार खड़ी है।

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