नई दिल्ली ,07 अगस्त। भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में कहा कि यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) की सेवा हमेशा मुफ्त नहीं रह सकती। उन्होंने साफ़ कहा कि इस डिजिटल भुगतान प्रणाली को चलाने में खर्च आता है, और यह खर्च किसी न किसी को तो उठाना ही होगा।
आरबीआई गवर्नर ने यह बयान मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया। उन्होंने कहा, मैंने कभी यह नहीं कहा कि क्कढ्ढ हमेशा मुफ्त रहेगा। इस सेवा से जुड़ी लागतें हैं और कोई न कोई उसका भुगतान करेगा। गवर्नर ने आगे कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि इस सिस्टम को टिकाऊ बनाना होगा। चाहे भुगतान सरकार करे या कोई और, इससे फर्क नहीं पड़ता। लेकिन इस सेवा की लागत को लंबे समय तक बिना भुगतान के नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि कोई भी सेवा तभी टिकाऊ होती है जब उसकी लागत को कवर किया जाए चाहे वो व्यक्ति, व्यापारी, बैंक या सरकार क्यों न हो। क्रक्चढ्ढ गवर्नर ने पहले भी इस मुद्दे पर चिंता जताई थी। जुलाई 2025 में हुए फाइनेंशियल एक्सप्रेस क्चस्नस्ढ्ढ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि क्कढ्ढ का र्ंद्गह्म्श-ष्टशह्यह्ल रूशस्रद्गद्य लंबे समय तक नहीं चल सकता। उन्होंने बताया कि अभी सरकार इस सेवा को सब्सिडी दे रही है, जिससे बैंकों और अन्य कंपनियों पर कोई प्रत्यक्ष खर्च नहीं आ रहा, लेकिन जैसे-जैसे लेनदेन की संख्या बढ़ रही है, लागत भी बढ़ रही है।
पैसों की ट्रांजेक्शन करने पर चार्ज लगेंगे या नहीं, आरबीआई ने किया स्पष्ट
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page

Recent Comments