मनोज चतुर्वेदी
भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट एशिया कप मुकाबले में न तो बहले जैसा रोमांच दिखा और न ही दीवानगी दिखी। वहीं मैच में भारत के सात विकेट से जीत के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव, ओपनर अभिषेक शर्मा और चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के प्रदर्शन के मुकाबले मैच में दोनों टीमों का हाथ नहीं मिलाना ज्यादा सुर्खियां पा गया। एकतरफा हार से बुरी तरह हताश पाकिस्तान टीम ने हाथ नहीं मिलाने के मुद्दे को एशिया कप के बायकाट की धमकी तक पहुंचा दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस आईसीसी से शिकायत करते हुए कहा है कि मैच रेफरी एंडी पायक्राफ्ट को नहीं हटाया तो वह एशिया कप से हट जाएगा। पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी, जो एशियाई क्रिकेट काउंसिल के भी अध्यक्ष हैं, ने एक्स पर पोस्ट डाल कर इस शिकायत की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा है कि पीसीबी ने क्रिकेट की भावना से जुड़े एमसीसी के नियम और आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर मैच रेफरी के खिलाफ दर्ज शिकायत में मैच रेफरी को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार मांग नहीं माने जाने पर पाकिस्तान चैंपियनशिप से हट सकता है। खबरों के मुताबिक पायक्राफ्ट टॉस से पहले पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा को एकतरफ ले गए और कहा कि दोनों कप्तानों के बीच हैंडशेक नहीं होगा। यह भी कहा गया कि मैच के बाद पाकिस्तान टीम कुछ दूरी तक भारतीय ड्रेसिंग रूम की तरफ गई पर कोई जवाबी प्रतिक्रिया न देख कर लौटगई। पीसीबी के अनुसार टीम मैनेजर नवेद चीमा ने भारतीय खिलाड़ियों के खेल भावना के विपरीत व्यवहार की शिकायत की है।
आइसीसी के पाकिस्तान की शिकायत पर झुकने की संभावना नहीं है। इसकी वजह है कि रूल में हाथ मिलाने को लेकर खास निर्देश नहीं है। यह असल में नियम न होकर परंपरा मात्र है। वैसे भी खेलों में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। साल 2023 के विम्बलडन में ही यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना ने बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका से खेलते समय यह कहते हुए हाथ मिलाने से इंकार कर दिया था कि उनके देश ने हमारे देश पर हमला किया है। आयोजकों ने इस घटना पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। पाकिस्तान को अपना मैच 17 सितम्बर को यूएई से खेलना है। पाकिस्तान यदि इस मैच में नहीं खेलता है तो उसके सुपर फोर में पहुंचने की सारी संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। इसकी वजह यह है कि यूएई ओमान से मैच जीत चुका है, और पाकिस्तान नहीं खेलता है तो उसके चार अंक हो जाएंगे और वह सुपर फोर में पहुंच जाएगी। इसलिए यह तय है कि अगले 24 घंटे में पाकिस्तान को लेकर सारी स्थितियां स्पष्ट हो जानी हैं।
सभी जानते हैं कि कुछ दिनों पहले पहलगाम में पाकिस्तान पोषित आतंकियों ने हमला करके निदरेषों को मार दिया था। इसे ध्यान में रखकर ही पाकिस्तान से मैच खेलने का विरोध किया जा रहा था पर सरकार की नीति है कि आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत और पाकिस्तान खेल सकते हैं। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद कहा कि टीम ने मिल कर हाथ नहीं मिलाने का फैसला किया था। यह कदम पहलगाम आतंकी हमले में शहीद 26 निदरेषों के परिवारों के साथ एकजुटता दिखाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि कुछ बातें खेल भावना से ऊपर होती हैं। हम अपने सशस्त्र बलोंऔर उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।
पाकिस्तान खेलने का फैसला करता है तो इस स्थिति का एक या दो बार सामना करना पड़ सकता है। पर भारत यदि इस ट्रॉफी को जीतता है तो उसके सामने भी परीक्षा की घड़ी आनी है। एशियाई क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष होने के नाते मोहसिन नकवी विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान करेंगे। उस सूरत में देखने वाली बात होगी कि भारत उनके हाथों से ट्रॉफी लेता है, या नहीं। जहां तक बात पाकिस्तान के साथ मुकाबले की है तो उसमें बिल्कुल दम नजर नहीं आया। सही है कि दोनों ने युवा खिलाड़ियों की टीम उतारी हैं पर भारतीय टीम पिछले एक-डेढ़ साल में एकजुट हो गई है। वहीं पाकिस्तान की युवा टीम में ढेरों खामियां नजर आई। पाकिस्तान के उच्च क्रम के बल्लेबाज स्पिन खेलने में बौने साबित हुए।
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम का कहना है कि पाकिस्तानी बल्लेबाज कुलदीप यादव को पढ़ ही नहीं सके और उन्होंने पारी ढहाने में अहम भूमिका निभाई। इस मुकाबले के बारे में पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की टिप्पणी स्थिति का किसी हद तक सही बयान करती है। गांगुली ने कहा,..सबसे महत्त्वपूर्ण आतंक रुकना चाहिए, सिर्फ भारत और पाकिस्तान में ही नहीं, बल्कि सारी दुनिया में। पर खेल कतई नहीं रुकने चाहिए। सही स्थिति यह है कि दोनों टीमों के बीच कोई मुकाबला ही नहीं था। मैं भारत-पाक मुकाबले की बजाय भारत के ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और श्रीलंका ही नहीं अफगानिस्तान के साथ मुकाबले को देखना पसंद करूंगा। मुझे नहीं लगता कि भारत और पाकिस्तान मुकाबले में कोई दिलचस्पी बची है। हम पिछले पांच सालों से इस मुकाबले की हाइप जरूर बनाते हैं पर हर बार टांय टांय फिस्स जरूर हो रही है। अब यह मुकाबला वनवे ट्रैफिक हो गया है।
(लेख में विचार निजी हैं)
ज्यादा सुर्खियां पा गया हाथ नहीं मिलाना
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