पूर्व सैनिकों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, डीएम व डिप्टी जीओसी को ज्ञापन सौंपा
देहरादून। देहरादून में 30 मार्च 2026 को दो आपराधिक गिरोहों के बीच हुई गोलीबारी में ब्रिगेडियर मुकेश जोशी (सेवानिवृत्त) की दुखद मौत ने पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों में गहरा रोष और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना के बाद से देहरादून की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
इसी कड़ी में आज (02 अप्रैल 2026) कर्नल राम रतन नेगी (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, पूर्व सैनिक विभाग, उत्तराखंड कांग्रेस ने ब्रिगेडियर आर.एस. थापा, डिप्टी जीओसी उत्तरांचल सब एरिया एवं स्टेशन कमांडर देहरादून तथा श्री सविन बंसल, जिलाधिकारी देहरादून के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में कर्नल नेगी ने देहरादून की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक सम्मानित एवं वीर सैनिक का इस प्रकार बिना किसी दोष के असामयिक निधन होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, “जिस सैन्य अधिकारी ने देश की सीमाओं की रक्षा की, उसकी निजी शहर में गोली मारकर हत्या कर दी जाए, यह व्यवस्था के लिए कलंक है।”
कर्नल नेगी ने प्रशासन के संज्ञान में लाया कि उत्तराखंड, विशेषकर देहरादून में सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के साथ बढ़ती अपराधिक घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने मांग की कि सशस्त्र बलों के वर्तमान एवं पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
वहीं, ब्रिगेडियर आर.एस. थापा और जिलाधिकारी सविन बंसल ने कर्नल नेगी की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैनिकों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे, साथ ही ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड के दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
गौरतलब है कि 30 मार्च की रात को देहरादून के एक व्यस्त इलाके में दो गिरोहों के बीच गोलीबारी हुई थी, जिसमें गलत जगह मौजूद होने के कारण ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से पूर्व सैनिकों और सेना के अधिकारियों में भारी आक्रोश है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी बड़ी गिरफ्तारी की खबर नहीं है।
“सैनिक का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है” — जैसे नारों के साथ पूर्व सैनिक अब कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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