राजस्व का अहम स्रोत बन रहा खनन, धामी सरकार की पारदर्शी नीति पर मुहर: भट्ट

खनन माफिया पर लगाम और नये मानकों पर सख्ती से खनन राजस्व रिकॉर्ड रिकार्ड स्तर पर

धामी सरकार ने माफियाओं के चुंगल से निकालकर राज्य की अर्थिकी का प्रमुख स्रोत बनाया खनन

देहरादून। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने खनन क्षेत्र मे राजस्व वृद्धि को उत्साहजनक और राज्य हित मे सुखद बताते हुए कहा कि धामी सरकार की स्पष्ट और पारदर्शी नीति का ही परिणाम है कि माफियाओं के चुंगल से मुक्त करवाकर खनन आज राज्य की अर्थिकी का स्रोत बन गया है।

भट्ट ने सीएम पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि सीएम के
दूरदर्शी नेतृत्व और सुदृढ़ नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड का खनन विभाग राजस्व प्राप्ति के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 950 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कुल 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि
वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने 875 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1041 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर अपनी कार्यक्षमता सिद्ध की थी। प्रदेश में खनन राजस्व की यह निरंतर वृद्धि मुख्यमंत्री धामी की पारदर्शी, जवाबदेह और सुधारोन्मुखी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। वर्ष 2012-13 में मात्र 110 करोड़ रुपये से शुरू हुआ यह सफर अब 2025-26 में 1217 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो राज्य की पारदर्शी नीति को इंगित करता है।

भट्ट ने खनन नीति को सराहनीय बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज नीति एवं नियमावली का सरलीकरण किया गया, जिससे वैध खनन को बढ़ावा मिला और अवैध खनन, परिवहन व भंडारण पर प्रभावी रोक लगी। पारदर्शी व्यवस्था के तहत खनन पट्टों का आवंटन किया गया, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी। सीएम धामी की पहल पर तकनीकी नवाचारों को भी प्राथमिकता दी गई।

उन्होंने कहा कि ई-रवन्ना प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे फर्जीवाड़े और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इन सभी प्रयासों के चलते अवैध खनन पर लगाम लगी है और राजस्व में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में किए गए इन नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में MDTSS और ई-खन्ना सिक्योरिटी पेपर परियोजनाओं को प्रतिष्ठित स्कोच अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, खान मंत्रालय भारत सरकार द्वारा खनन मे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखण्ड को ‘सी’ श्रेणी के राज्यों में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जिसके तहत 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। साथ ही State Mining Readiness Index में बेहतर प्रदर्शन के लिए भी 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई।

भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पारदर्शिता, तकनीकी सशक्तिकरण और कठोर प्रवर्तन के समन्वय ने उत्तराखण्ड के खनन क्षेत्र को नई दिशा दी है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और सुशासन का मॉडल स्थापित हो रहा है।

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