गाय और कुत्ते को रोटी देने की परंपरा: पहली और आखिरी रोटी के पीछे की धार्मिक मान्यता

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रोटी को केवल भोजन नहीं, बल्कि अन्नपूर्णा माता का आशीर्वाद माना जाता है। यही वजह है कि रसोई और भोजन से जुड़े कई नियम बताए गए हैं। आपने अक्सर सुना होगा कि घर में बनी पहली रोटी गाय को खिलानी चाहिए, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिरी रोटी किसे देने का विधान माना जाता है। कहा जाता है कि पहली और आखिरी रोटी से जुड़े कुछ नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि, धन लाभ और सकारात्मकता बनी रह सकती है। वहीं, कई मान्यताओं में इसे पितृ कृपा, देवी-देवताओं के आशीर्वाद और आर्थिक उन्नति से भी जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पहली रोटी गाय को क्यों दी जाती है और आखिरी रोटी किसे देना शुभ माना जाता है और क्या सच में ये छोटी-सी आदत घर की तरक्की और बरकत ला सकती है। 

हिंदू और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पहली रोटी गाय को तो वहीं आखिरी रोटी कुत्ते को खिलानी चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पक्की पहली रोटी हमेशा गाय को देनी चाहिए। इसे बेहद ही शुभ माना जाता है। इसके पीछे के मुख्य कारणों की बात करें तो “गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। मान्यता है कि गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में गाय को पहली रोटी देना उन सभी देवी देवताओं को भोग लगाने जैसा माना जाता है।

शास्त्रों के अनुसार, माना जाता है कि जब भी कोई जातक अपने घर से अन्न का पहला हिस्सा दान करता है तो इससे उनके घर में सुख समृद्धि आती है और बरकत बनी रहती है। साथ ही माना जाता है कि अगर कोई जातक नियमित रुप से रोज़ गाय को पहली रोटी खिलाता है तो इससे वास्तु दोष और नकारात्मकता दोनों कम होते हैं जिससे घर का माहौल शांत रहता है और सुख की प्राप्ति होती है।

आखिरी रोटी कुत्ते को क्यों खिलानी चाहिए तो बता दें कि कुत्ते को भगवान काल भैरव का वाहन माना गया है। ऐसे में माना जाता है कि आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाने से भगवान काल भैरव प्रसन्न होते हैं, जिससे उनका आशीर्वाद बना रहता है और जीवन की सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है साथ ही भय भी नहीं रहता।

इतना ही नहीं वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कुत्ते का रोटी खिलाने से ऊपरी हवा, नकारात्मक शक्यिां, बुरी नज़र और बाधाएं दूर होती हैं। माना जाता है कि इससे घर का वातावरण भी सुरक्षित रहता है।  बता दें कि मान्यताओं के अनुसार कुत्ते का संबंध राहू और केतु से भी माना जाता है। कहते हैं कि इन्हें भोजन देने से इन ग्रहों से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती है।

अस्वीकरण (Disclaimer)
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