
बच्चों की सुरक्षा पर राज्य स्तरीय बैठक, तस्करी से नशे तक हर चुनौती पर मंथन
देहरादून। उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा. गीता खन्ना की अध्यक्षता में बुधवार को आयोग कार्यालय देहरादून में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित हुई। बच्चों के विरुद्ध बढ़ती हिंसा, गुमशुदगी, तस्करी, अपहरण, बाल श्रम, यौन शोषण और सामाजिक उत्पीड़न जैसे गंभीर विषयों पर केंद्रित इस बैठक में डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर धीरेन्द्र सिंह गुंजीयाल, आयोग के सचिव डा. शिव कुमार बरनवाल, अनुसचिव डा. सतीश कुमार सिंह सहित सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल कल्याण समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य, बालश्रम अधिकारी और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में बाल संरक्षण तंत्र को अधिक चुस्त और प्रभावी बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। आयोग अध्यक्ष डा. गीता खन्ना ने कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध की बढ़ती घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इनसे निपटने के लिए सभी विभागों व संस्थाओं के बीच सुदृढ़ समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना केवल किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए गए। पुलिस विभाग को पिछले तीन वर्षों के गुमशुदा बच्चों का पूरा विवरण, गुमशुदगी के कारण और अब तक की स्थिति से संबंधित आंकड़े आयोग को उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही पुलिस के विशेष अभियानों में शिक्षा विभाग की ट्रैकिंग आईडी का उपयोग कर स्कूल ड्रॉपआउट बच्चों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए। बाल कल्याण समितियों को भी पुलिस अभियानों से जोड़ते हुए रेस्क्यू किए गए बच्चों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
नशे की गिरफ्त में आ रहे बच्चों के पुनर्वास पर विशेष चिंता जताते हुए आयोग अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे बच्चों को वयस्कों से अलग रखने के लिए पृथक स्थान निर्धारित किया जाना जरूरी है, ताकि उन्हें नई दिशा और मार्गदर्शन मिल सके। बैठक में संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई और विभागों के बीच सूचना साझाकरण को मजबूत करने पर सहमति बनी तथा बाल सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।


Recent Comments