
हरिद्वार। ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी एवं रोजगारपरक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। शनिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने ग्राम्य विकास, स्वरोजगार, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, मनरेगा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अवस्थापना विकास, कृषि, उद्यान और पशुपालन विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं को योजनाओं का सीधा लाभ मिलना सरकार की प्राथमिकता है। दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा लखपति दीदी योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्माणाधीन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को भी कहा। बैठक में मंत्री ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के निर्देशन में संचालित क्लाउड किचन योजना की सराहना की। पर्यावरण संरक्षण के तहत मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, महाप्रबंधक उद्योग उत्तम सिंह तिवारी, जिला परियोजना प्रबंधक रीप संजय सक्सेना, खंड विकास अधिकारी मानस मित्तल, परवीन भट्ट, सुमन कुटियाल, आलोक गर्गेय और पवन सिंह सैनी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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