गढ़वाल विवि में दो अहम पहल : दुर्लभ औषधीय पादपों की कृषक मार्गदर्शिका का विमोचन, नए सत्र की प्रवेश विवरणिका भी जारी

किसानों और शोधार्थियों को मिलेगा हिमालयी औषधीय खेती का वैज्ञानिक मार्गदर्शन, विवरणिका में संबद्ध कॉलेजों की पूरी जानकारी

श्रीनगर (गढ़वाल)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में रविवार को दो महत्वपूर्ण कार्य एक साथ संपन्न हुए। एक ओर जहां विश्वविद्यालय के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) द्वारा तैयार कृषक मार्गदर्शिका का कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने विमोचन किया, वहीं अभिनंदन कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश विवरणिका भी जारी की गई।

हैप्रेक द्वारा तैयार यह कृषक मार्गदर्शिका उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ और संकटग्रस्त औषधीय एवं सगंध पादप प्रजातियों की वैज्ञानिक खेती, संरक्षण, संवर्धन और बाजारीकरण से जुड़ी व्यापक जानकारियों को समेटे हुए है। इस मार्गदर्शिका का लेखन हैप्रेक के निदेशक डा. विजयकांत पुरोहित के साथ डा. प्रदीप डोभाल, डा. जयदेव चौहान, डा. बबीता पाटनी, डा. विजय लक्ष्मी और डा. सुदीप चंद्र ने किया है, जबकि प्रूफ रीडिंग और लेखन में डा. राजीव वशिष्ठ और कमलेश पंत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुस्तक के प्रकाशन में जैव प्रौद्योगिकी विभाग, राष्ट्रीय हिमालयन अध्ययन मिशन और राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड का वित्तीय सहयोग रहा।

कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि हैप्रेक पिछले चार दशकों से हिमालयी औषधीय एवं सगंध पादपों के संरक्षण और कृषिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है और वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों से कई संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण एवं व्यावसायिक खेती को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि यह मार्गदर्शिका किसानों, शोधार्थियों और औषधीय पादपों से जुड़े उद्यमियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी। हैप्रेक निदेशक डा. पुरोहित ने कहा कि औषधीय एवं सगंध पादप हिमालयी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह मार्गदर्शिका वैज्ञानिक खेती को नई दिशा देगी।

इसी कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश विवरणिका का लोकार्पण भी किया गया। इस बार की विवरणिका को पहले से अधिक व्यापक और उपयोगी बनाया गया है। इसमें विश्वविद्यालय में संचालित सभी मौजूदा पाठ्यक्रमों और नए सत्र से शुरू होने वाले नए पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों और महाविद्यालयों के नाम के साथ उनके फोन नंबर और ईमेल आईडी भी दर्शाए गए हैं, ताकि प्रवेश के इच्छुक छात्रों को किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े और वे सीधे संबंधित संस्थान से संपर्क कर सकें।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments