₹250 की साड़ी ₹500 में खरीदी गई ? मंत्री रेखा आर्य पर कमीशनखोरी के आरोपों से सियासत गरम

65 हजार साड़ी-सूट गोदाम में पड़े सड़ रहे, आंगनबाड़ी वर्कर्स ने पहनने से किया इनकार

विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने बुधवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की मंत्री रेखा आर्य पर साड़ी-सूट खरीद में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी का गंभीर आरोप लगाया।

नेगी ने बताया कि गत वर्ष मंत्री रेखा आर्य के निर्देशन में विभाग द्वारा 29,005 साड़ियां और 35,931 सूट की खरीद की गई। प्रति साड़ी 495 रुपए और प्रति सूट 496 रुपए की दर से की गई इस खरीद में सरकारी खजाने पर करोड़ों का बोझ पड़ा, जबकि इसी गुणवत्ता का कपड़ा खुले बाजार में फुटकर में महज 250 से 300 रुपए में सहज उपलब्ध है। नेगी ने तंज कसते हुए कहा कि यह साड़ी-सूट इतनी घटिया गुणवत्ता के हैं कि गाड़ी पोंछने के काम भी नहीं आ सकते।

उन्होंने कहा कि खरीद की गई इन साड़ी-सूटों की गुणवत्ता इतनी निम्न है कि कोई भी आंगनबाड़ी वर्कर इन्हें पहनने को तैयार नहीं है और पूरा माल गोदामों में धूल फांक रहा है। नेगी ने सवाल उठाया कि आखिर किसकी जेब भरने के लिए इतने बड़े पैमाने पर घटिया सामग्री की खरीद की गई और सरकारी धन की यह बर्बादी क्यों की गई।

मोर्चे ने सरकार से मांग की कि इस कमीशनखोरी पर तत्काल रोक लगाई जाए और साड़ी-सूट वितरण की जगह डीबीटी के माध्यम से सीधे आंगनबाड़ी वर्कर्स के खाते में राशि हस्तांतरित की जाए। पत्रकार वार्ता में हाजी असद एवं सुशील भारद्वाज भी उपस्थित रहे।

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