
मरम्मत के प्राक्कलन 10 जुलाई तक तैयार हों, खतरा बने पेड़ हटेंगे
पौड़ी गढ़वाल,। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को एनआईसी कक्ष में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों की मरम्मत और परिवहन व्यवस्था की समीक्षा की। मानसून में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर डीएम ने कई सख्त निर्देश जारी किए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सभी क्षतिग्रस्त और जर्जर विद्यालयों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराई जाए। सुरक्षा के लिहाज से ऐसे विद्यालयों में कक्षाएं संचालित न की जाएं। विद्यालयों की सूची अगले दिन तक प्रस्तुत करने और 10 जुलाई तक प्राथमिक स्तर पर सभी जरूरी प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि शासन को समय पर प्रस्ताव भेजा जा सके।
विद्यालय परिसरों में आपदा की दृष्टि से खतरा बने पेड़ों को वन विभाग के समन्वय से प्राथमिकता पर हटाने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि कुछ क्षतिग्रस्त स्कूलों की मरम्मत के लिए मंडी परिषद ने अब तक प्राक्कलन नहीं दिया है। इस पर डीएम ने कार्यदायी संस्था बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
जिला योजना के तहत कुछ जगहों पर काम की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई। मुख्य विकास अधिकारी को कार्यदायी संस्थाओं के साथ विशेष समीक्षा बैठक कर लंबित कार्यों को तय समय में पूरा कराने को कहा।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा में बच्चों की स्क्रीनिंग, नामांकन, फॉलोअप की प्रगति देखी गई। डीएम ने शिक्षा और बाल विकास विभाग से बेहतर समन्वय कर विस्तृत कार्ययोजना बनाने को कहा। साथ ही बताया कि श्रीनगर बेस अस्पताल के नवनिर्मित क्रिटिकल केयर ब्लॉक का उपयोग डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के लिए किया जा सकता है। CMO को शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, सीएमओ डॉ. शिवमोहन शुक्ला, मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना, जिला शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट, एसीएमओ डॉ. पारुल गर्ग, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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