ट्रंप के एक फोन कॉल से बदल गया FIFA का फैसला, UEFA ने बताया ‘सरासर अन्याय’

बालोगुन का रेड कार्ड सस्पेंशन रद्द, बेल्जियम भड़का, यूईएफए बोला- सीमा लांघी FIFA ने

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड प्रतिबंध हटाने के फैसले पर विश्व फुटबॉल में तूफान खड़ा हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप की कथित दखल के बाद FIFA के यू-टर्न पर UEFA ने तीखा हमला बोला है। UEFA ने इसे “अकल्पनीय, अनुचित और खेल की निष्पक्षता पर सीधा हमला” करार दिया।

पूरा मामला क्या है?

  • अमेरिका की टीम ने बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मैच में 2-0 से जीत हासिल की। बालोगुन ने गोल किया, लेकिन 64वें मिनट में VAR रिव्यू के बाद रेड कार्ड दिखाया गया। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी के एंकल पर स्टड्स लगा दिए थे। इससे उन्हें एक मैच का ऑटोमैटिक बैन लगना था, जिससे वे बेल्जियम के खिलाफ लास्ट-16 मैच मिस कर देते।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो को फोन किया (कुछ रिपोर्ट्स में 2-3 कॉल्स बताए गए) और मामले की समीक्षा का अनुरोध किया। White House के अन्य अधिकारी भी संपर्क में थे।
  • FIFA की डिसिप्लिनरी कमिटी ने फैसला पलटते हुए बालोगुन के एक मैच के बैन को एक साल की प्रोबेशनरी अवधि पर सस्पेंड कर दिया। अब वे बेल्जियम के खिलाफ खेल सकेंगे। यह 1962 या 1970 के बाद पहला ऐसा मामला बताया जा रहा है।

ट्रंप ने Truth Social पर लिखा: “Thank you to FIFA for doing what was right, and reversing a great injustice!”

UEFA और अन्य की तीखी प्रतिक्रिया

  • UEFA ने कहा: “यह फैसला रेड लाइन क्रॉस करने वाला है। यह खेल की निष्पक्षता और विश्व कप की विश्वसनीयता पर हमला है।”
  • बेल्जियम फुटबॉल एसोसिएशन ने फैसले पर हैरानी जताई और अपील करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
  • जर्मन फुटबॉल फेडरेशन (DFB) के प्रेसिडेंट ने FIFA से रिपोर्ट्स की पुष्टि करने को कहा।
  • कई पूर्व खिलाड़ी और एक्सपर्ट्स (जैसे गैरी नेविल) ने इसे “स्टिंक्स” (बदबूदार) बताया और फेयर प्ले के सिद्धांत पर सवाल उठाए।

पृष्ठभूमि और विवाद

बालोगुन का रेड कार्ड कई लोगों को सख्त लगा था। अमेरिकी कोच मॉरीसियो पॉचेतीनो ने इसे हार्श बताया, लेकिन स्वीकार किया। बालोगुन खुद मानते हैं कि येलो कार्ड पर्याप्त था। कुछ फैंस ने अन्य मैचों के समान फाउल्स की तुलना करके रेफरीइंग की असंगति पर सवाल उठाए।

FIFA ने दावा किया कि फैसला स्वतंत्र डिसिप्लिनरी कमिटी का है और राजनीतिक दबाव नहीं था, लेकिन ट्रंप के फोन कॉल की पुष्टि होने से विवाद और गहरा गया है।

यह घटना वर्ल्ड कप के बीच में राजनीतिक हस्तक्षेप की बहस छेड़ गई है, जो फुटबॉल की स्वायत्तता पर सवाल उठा रही है। मैच (USA vs Belgium) आज (6 जुलाई 2026) खेला जाना है, जिसमें बालोगुन की उपलब्धता अमेरिका के लिए बड़ा बूस्ट है।

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