

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने सहसपुर, डालनवाला और पौंधा में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई की। सहसपुर में 100 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई और कई निर्माण सील किए गए।
देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने सोमवार को अवैध प्लॉटिंग और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सहसपुर, डालनवाला और पौंधा क्षेत्र में अभियान चलाया। इस दौरान सहसपुर में करीब 100 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि कई अवैध एवं मानचित्र के विपरीत बने बहुमंजिला निर्माणों को सील कर दिया गया।
MDDA के अनुसार, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में सहसपुर के जाटोवाला क्षेत्र में नए हाईवे के निकट बिना स्वीकृति विकसित की जा रही लगभग 100 बीघा भूमि की अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की गई। मौके पर बनाई गई सड़कों और अन्य विकास कार्यों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
वहीं, डालनवाला क्षेत्र में कोरोनेशन अस्पताल के पास दो अलग-अलग अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इसके अलावा पौंधा के फुलसैनी रोड पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बनाए जा रहे दो बहुमंजिला भवनों को भी प्राधिकरण ने सील कर दिया।

MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना स्वीकृति की प्लॉटिंग, अवैध कॉलोनियों और नियमों के विपरीत निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि विभिन्न टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और शिकायत मिलने के साथ-साथ स्वयं चिह्नित किए गए मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूखंड या संपत्ति की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, स्वीकृत ले-आउट और मानचित्र की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
कार्रवाई के दौरान MDDA के अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


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