देहरादून से लौटते वक्त राहुल गांधी का अचानक बदला रूट, पेड़ बचाओ आंदोलन में पहुंचकर किया बड़ा ऐलान

भनियावाला-ऋषिकेश सड़क परियोजना पर सियासत तेज: देर रात आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे राहुल गांधी, संसद में उठाने का दिया भरोसा

देहरादून। उत्तराखंड में भनियावाला-ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर चल रहा पर्यावरणीय विवाद अब राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बनता दिखाई दे रहा है। प्रस्तावित परियोजना के तहत बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान को लेकर कई दिनों से स्थानीय नागरिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार देर रात उस समय आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अचानक प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए।

देहरादून में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद राहुल गांधी का काफिला जौलीग्रांट एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान उन्होंने अपना तय कार्यक्रम बदलते हुए सीधे आंदोलन स्थल का रुख किया। उनके अचानक पहुंचने से वहां मौजूद प्रदर्शनकारी, स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी भी कुछ देर के लिए आश्चर्यचकित रह गए।

राहुल गांधी ने आंदोलनकारियों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं और सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर उठाई जा रही पर्यावरणीय चिंताओं की जानकारी ली। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि परियोजना के कारण हजारों पेड़ों के कटान का खतरा है और इसका असर क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ सकता है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता शालू भाटिया ने राहुल गांधी के समक्ष प्रदर्शनकारियों का पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है, कई लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और आंदोलन से जुड़े लोगों के साथ सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है।

प्रदर्शनकारियों की बातें सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले का अध्ययन करने के बाद संसद के आगामी सत्र में इस विषय को उठाने का प्रयास करेंगे।

इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड कांग्रेस भी सक्रिय नजर आई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि राहुल गांधी ने सड़क परियोजना, संभावित पर्यावरणीय प्रभाव, स्थानीय लोगों की आपत्तियों तथा आंदोलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार यह रिपोर्ट जल्द राहुल गांधी को सौंपी जाएगी, ताकि संसद में इस विषय को तथ्यात्मक आधार पर उठाया जा सके।

उधर, सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर जारी विवाद और बढ़ते विरोध के बीच सरकार द्वारा पेड़ों के कटान पर फिलहाल रोक लगाए जाने की भी चर्चा है। हालांकि, परियोजना के भविष्य और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।

राहुल गांधी की इस अप्रत्याशित यात्रा ने उत्तराखंड में सड़क विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की बहस को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ला दिया है।

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