देहरादून महायोजना-2041: 10वें दिन हुडा में हुई जनसुनवाई, ट्रैफिक-पार्किंग पर सबसे ज्यादा सुझाव 

जनता तय कर रही देहरादून का भविष्य, 20 जुलाई को सुद्धोवाला में होगी अगली जनसुनवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीए) द्वारा तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 को अंतिम स्वरूप देने के लिए चलाया जा रहा जनसंवाद अभियान शनिवार को दसवें दिन भी जारी रहा। हुडा कार्यालय, राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स, तहसील चौक में आयोजित जनसुनवाई में संबंधित अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे और नागरिकों के सुझाव, शिकायतें एवं आपत्तियां विस्तार से सुनीं।

जनसुनवाई में भूमि उपयोग, यातायात, आधारभूत सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठे। विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और भू-स्वामियों ने महायोजना के विभिन्न पहलुओं पर राय रखी। प्रतिभागियों ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के बीच देहरादून को सुनियोजित विकास की जरूरत है ताकि यातायात, आवास, जलापूर्ति और सार्वजनिक सुविधाओं की चुनौतियों का समाधान हो सके।

जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पार्किंग की समस्या को प्रमुखता से उठाया। सुझाव दिया गया कि महायोजना में सड़क नेटवर्क का विस्तार, बहुस्तरीय पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने और वैकल्पिक यातायात मार्ग विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।

पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुख रहा। नागरिकों ने हरित क्षेत्रों, जल स्रोतों, नदियों और खुले सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण के लिए ठोस प्रावधान की मांग की। वर्षा जल निकासी, जलभराव और भूजल संरक्षण से जुड़े सुझाव भी दिए गए। भू-स्वामियों और संस्थागत प्रतिनिधियों ने क्षेत्र विशेष की जरूरतों के अनुसार भूमि उपयोग और विकास नियंत्रण नियमों पर विचार साझा किए।

एमडीए की तकनीकी टीम ने सभी सुझाव दर्ज कर भरोसा दिलाया कि प्रत्येक बिंदु का विशेषज्ञ स्तर पर परीक्षण किया जाएगा और व्यावहारिक सुझावों को महायोजना में महत्व दिया जाएगा।

एमडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि राजधानी की व्यापक विकास दृष्टि है। नागरिकों के सुझाव इसे अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बना रहे हैं। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राप्त सभी सुझावों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण हो रहा है और तकनीकी एवं विधिक परीक्षण के बाद अंतिम योजना में विकास, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित किया जाएगा।

प्राधिकरण ने बताया कि सेक्टर-11 की जनसुनवाई 20 जुलाई 2026 को राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला में होगी। संबंधित क्षेत्र के नागरिकों और हितधारकों से इसमें भाग लेने की अपील की गई है।

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