

प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर घर-घर तिरंगा फहराने का आवाह्न
देहरादून। 75वें स्वतंत्रता दिवस से पहले रविवार को राजधानी में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ कार्यक्रम में हजारों लोगों के साथ सहभागिता की और प्रदेशवासियों से 15 अगस्त को अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराकर राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को प्रज्वलित रखने का आवाह्न किया।
गांधी पार्क से घंटाघर तक निकली इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आंदोलन के महान नायक स्व. इन्द्रमणी बडोनी और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
“तिरंगा करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा यात्रा राष्ट्र गौरव का उत्सव है। “स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर जवानों ने तिरंगे पर कभी आंच नहीं आने दी। भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हम सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे। देवभूमि के कण-कण में राष्ट्रभक्ति की भावना बसी है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत महाशक्ति बनकर उभर रहा है। मेक इन इंडिया, डिजिटल क्रांति और स्वदेशी तकनीक से देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं:
- अर्थव्यवस्था: पिछले एक वर्ष में जीएसडीपी में 7.23% और प्रतिव्यक्ति आय में 41% की ऐतिहासिक वृद्धि।
- उद्योग व रोजगार: 20 हजार से अधिक नए उद्योग, 1750 से अधिक स्टार्टअप। पिछले 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी।
- विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियां। रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी। सतत विकास लक्ष्यों में राज्य को देश में पहला स्थान।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है। “हमारा राज्य देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। हर दूसरे परिवार का बेटा सीमा पर तैनात है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू की गई है। मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है और 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई हुई है। साथ ही करीब 13 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू की गई है। मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है और 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई हुई है। साथ ही करीब 13 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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