

देहरादून। उत्तराखंड में बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अब अपनी मुहिम को गांवों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश के युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘काम मांगो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष ललित फर्स्वाण की अध्यक्षता में हुई बैठक में बेरोजगारी, युवाओं के लगातार पलायन और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित विकल्पों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ललित फर्स्वाण ने कहा कि पहाड़ों से युवाओं का लगातार बाहर जाना केवल रोजगार का सवाल नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गांवों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और स्वरोजगार को लेकर लगातार दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर युवाओं को रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘काम मांगो अभियान’ किसी से रोजगार की भीख मांगने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के काम और सम्मानजनक रोजगार के अधिकार की आवाज को मजबूत करने का अभियान है।
संगठन के अनुसार अभियान को प्रदेश के सभी 13 जिलों तक ले जाया जाएगा और आगामी दो महीनों में प्रत्येक जिले के कम से कम एक ब्लॉक में इसकी शुरुआत की जाएगी। अभियान का पहला चरण चमोली के जोशीमठ ब्लॉक से शुरू होगा। इसके साथ ही हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में भी शुरुआती चरण में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बाद में अभियान को प्रदेश के अन्य जिलों, ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दीपक राठौर ने कहा कि उत्तराखंड के गांवों को मजबूत किए बिना राज्य का संतुलित विकास संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार की संभावनाएं तलाशने पर जोर देते हुए मनरेगा, कृषि, बागवानी, पशुपालन, लघु एवं कुटीर उद्योग, पर्यटन तथा स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों को रोजगार का बड़ा आधार बनाने की बात कही। उनका कहना था कि सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय दीर्घकालिक और ठोस रोजगार नीति तैयार करनी चाहिए।
अभियान के दौरान सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने की मांग भी उठाई जाएगी। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके अलावा स्वरोजगार योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू करने तथा गांवों में रोजगार के नए साधन विकसित करने की मांग भी अभियान का प्रमुख हिस्सा होगी।
‘काम मांगो अभियान’ को केवल ब्लॉक मुख्यालयों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। संगठन के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर युवाओं, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे, स्थानीय स्तर पर रोजगार से जुड़ी समस्याओं और जरूरतों को चिन्हित करेंगे तथा उनके आधार पर सरकार के सामने रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग रखेंगे। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अभियान को पूरे प्रदेश में प्रभावी बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी सहित संगठन के विभिन्न पदाधिकारी, मंडल एवं जिला प्रभारी तथा जिलाध्यक्ष मौजूद रहे।

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