
देहरादून। देशभर में कल होने वाली NEET की पुनर्परीक्षा (Re-NEET) को लेकर उत्तराखंड प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रदेशभर में 10 जिलों में कुल 53 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिन पर 21 हज़ार से अधिक अभ्यर्थी अपनी किस्मत आज़माएंगे। परीक्षा को सुचारू, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक इंतज़ामात किए हैं।
जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आस-पास किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सभी 53 केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा-163 (BNS) लागू कर दी गई है। इसके तहत लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्रों, नारेबाजी, सार्वजनिक घोषणाओं और भीड़ जुटाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान शोर-शराबा और भीड़भाड़ अभ्यर्थियों की एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। यह आदेश राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 11 जून 2026 के पत्र के अनुपालन में जारी किया गया है।
आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी व्यक्ति को हथियार, लाठी, तेजधार वस्तुएं या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने से मना किया गया है। वहीं, पाँच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, बिना अनुमति सभा-प्रदर्शन करने और वाहनों के जुलूस निकालने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना और आपत्तिजनक नारे लिखना भी दंडनीय अपराध माना जाएगा। उल्लंघन करने पर धारा-223 के तहत सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
परीक्षा को लेकर पुलिस ने सुरक्षा का भी खाका खींच लिया है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि केंद्रों पर स्कॉट-ड्यूटी में पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CPMF) के जवान भी तैनात रहेंगे। हर परीक्षा केंद्र पर एक सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को इंचार्ज बनाया गया है और पिछले कई दिनों से स्थानीय थानों के अधिकारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
हरिद्वार जिले में परीक्षा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने 8 देहात व 4 शहरी केंद्रों को चिह्नित किया है। जिले को 5 जोन और 12 सेक्टरों में बाँटा गया है। एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में एसपी क्राइम निशा यादव को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिन्होंने तैनात फोर्स की पुलिस लाइन में विशेष ब्रीफिंग की।
नैनीताल जिले में सबसे अधिक 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 3,874 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इस जिले को 2 जोन और 11 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। वहीं ऊधमसिंहनगर में 5 केंद्रों पर 2,528 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा देंगे। पिथौरागढ़ में केंद्रीय विद्यालय एवं नवोदय विद्यालय, तथा अल्मोड़ा में द्वाराहाट स्थित बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर प्रवेश-निकास, सीसीटीवी, जैमर, पेयजल, बिजली और शौचालय सुविधाओं की अग्रिम जाँच कर ली है, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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