
विकासनगर(देहरादून )। हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में पिछले तीन दिनों से डटे निहंगों के रविवार सुबह वापस लौटने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। कुल्हाल बॉर्डर पर अब शांति लौट आई है और आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई है।
कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में हुए विवाद के मामले में जेल गए साथियों की रिहाई की मांग को लेकर 25 जून को करीब डेढ़ सौ निहंगों ने उत्तराखंड कूच के दौरान कुल्हाल बॉर्डर पर जमकर हंगामा किया था। निहंग बैरिकेडिंग तोड़कर दून की सीमा में घुस गए थे। रात करीब ढाई बजे पुलिस-प्रशासन ने उन्हें दून से पांवटा साहिब वापस भेज दिया था।
इसके बाद से निहंग पांवटा साहिब गुरुद्वारे में डटे रहे, जिससे तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। स्थानीय लोगों में भी स्थिति को लेकर चिंता थी। हालांकि प्रशासन ने पूरे समय संयम और सतर्कता के साथ हालात संभाले, जिससे कोई बड़ी घटना नहीं हुई। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने लगातार समन्वय बनाए रखा।
कर्णप्रयाग की घटना के बाद जेल में बंद निहंगों को कोर्ट से जमानत मिलने पर वे रविवार सुबह पांच बजे पांवटा साहिब पहुंचे। इसके बाद गुरुद्वारे में डटे निहंगों का जत्था वापस लौट गया।
निहंगों के लौटने के बाद कुल्हाल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में ढील दी गई है और पछुवादून से हिमाचल के पांवटा साहिब के बीच आवागमन पूरी तरह सामान्य हो गया है। पिछले तीन दिनों से प्रभावित आवाजाही अब सुचारू चल रही है।
स्थानीय व्यापारियों, यात्रियों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। व्यापारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच और सीमावर्ती क्षेत्र में बनी स्थिति के कारण कारोबार पर असर पड़ा था। रोजाना कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कत हुई। अब जनजीवन फिर से पटरी पर लौटने लगा है।
प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।

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