NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होना युवाओं के भविष्य के साथ घोर अन्याय : गणेश गोदियाल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के निर्णय को देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ हुआ गंभीर अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार की विफल, असंवेदनशील और भ्रष्ट परीक्षा व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

गोदियाल ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों ने वर्षों की मेहनत, मानसिक तनाव और परिवारों के आर्थिक त्याग के बाद इस परीक्षा में भाग लिया था। उत्तराखंड के भी लगभग 21,000 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा दी। अब परीक्षा रद्द होने से इन सभी छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक आघात पहुँचा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “परीक्षा पे चर्चा” तो करते हैं, लेकिन उनकी सरकार “परीक्षा की सुरक्षा” तक सुनिश्चित नहीं कर पा रही है। पिछले दस वर्षों में देशभर में 89 पेपर लीक हुए और 48 परीक्षाएँ दोबारा आयोजित करनी पड़ीं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मोदी सरकार के शासनकाल में युवाओं के सपनों के साथ लगातार खिलवाड़ किया गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नकल माफिया, भ्रष्ट अधिकारियों और सत्ता के संरक्षण के बिना इस प्रकार के संगठित अपराध संभव नहीं हैं। जब तक राजनीतिक संरक्षण समाप्त नहीं होगा, तब तक पेपर लीक की घटनाएँ रुकने वाली नहीं हैं।

गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड भी इस कड़वी सच्चाई का साक्षी रहा है। भाजपा शासन के पिछले आठ-नौ वर्षों में अनेक भर्ती परीक्षाएँ विवादों में घिरीं। कहीं प्रश्नपत्र लीक हुए, कहीं वर्षों तक परिणाम घोषित नहीं हुए, और कहीं परिणामों में भाई-भतीजावाद एवं पक्षपात के गंभीर आरोप लगे। कई मामलों में सत्ता पक्ष से जुड़े व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई और गिरफ्तारियाँ भी हुईं। इससे स्पष्ट है कि भाजपा शासन में भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और उनके भविष्य के साथ विश्वासघात है। देश का युवा अपने परिश्रम के आधार पर अवसर चाहता है, लेकिन भाजपा सरकार उसे पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि:

  1. पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए।
  2. छात्रों और अभिभावकों को हुई आर्थिक एवं मानसिक क्षति की भरपाई की जाए।
  3. पुनर्परीक्षा के लिए पर्याप्त समय और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
  4. राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की परीक्षा प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक सुधार किए जाएँ।
  5. नकल माफिया और उनके राजनीतिक संरक्षण की पूरी श्रृंखला को बेनकाब किया जाए। गोदियाल ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं, कोई प्रयोगशाला नहीं। कांग्रेस पार्टी देश और उत्तराखंड के प्रत्येक छात्र-युवा के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
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