

12 साल में MSP पर 13 हजार MMT खरीद पर दी 27.80 लाख करोड़ की सब्सिडी
देहरादून। केंद्र सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को हरसंभव सहयोग दे रही है। इसी कड़ी में उत्तराखंड में भी ट्रैवल मेलों-प्रदर्शनियों में भागीदारी, रोड शो, इंडिया इवनिंग्स, सेमिनार और कार्यशालाओं के जरिए राज्य के पर्यटन उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई जा रही है।
राज्यसभा सांसद और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि सरकार का लक्ष्य भारत को पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बनाकर वैश्विक पर्यटन बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाना है। इसके लिए विदेशों में भारतीय व्यंजनों और सांस्कृतिक उत्सवों को बढ़ावा, टूर ऑपरेटरों को ब्रोशर उपलब्ध कराना, वैश्विक मीडिया अभियान और एयरलाइनों व टूर ऑपरेटरों के साथ संयुक्त प्रचार जैसी गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
योजना के तहत मेलों, महोत्सवों और पर्यटन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए राज्य सरकारों को केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। पिछले तीन वर्षों में उत्तराखंड को इस मद में 2023-24 में 25 लाख रुपये और 2025-26 में 50 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिला है।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि सरकार 22 अधिदेशित फसलों पर MSP तय करती है। 2018-19 के बजट से सभी अनिवार्य खरीफ, रबी और वाणिज्यिक फसलों का MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक रखा गया है।
बाजार मूल्य MSP से नीचे जाने पर सरकारी एजेंसियों के माध्यम से खरीद की जाती है। दलहन में अरहर, मूंग, उड़द, मसूर, चना और तिलहन में मूंगफली, सोयाबीन, सरसों सहित कई फसलें MSP पर खरीदी जाती हैं। नाशवान उत्पादों के लिए MIS योजना के तहत बाजार में 10% से अधिक गिरावट पर केंद्र-राज्य 50:50 के अनुपात में सहयोग करते हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में यह अनुपात 25:75 है।
विकेंद्रीकृत खरीद योजना के तहत ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी की खरीद भी MSP पर की जा रही है। कपास और कच्चे जूट की खरीद क्रमशः कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और जूट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया करती है।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2014 से जून 2026 तक कुल 12819 MMT की खरीद पर किसानों को 27.80 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। राज्य सरकारें किसानों की सुविधा के लिए पर्याप्त खरीद केंद्र, गोदाम, वजन मशीन और वैज्ञानिक भंडारण की व्यवस्था कर रही हैं।

Recent Comments