देहरादून पुलिस का बड़ा एक्शन: मास्टर-की गैंग का भंडाफोड़, 3 शातिर गिरफ्तार; 8 चोरी के दोपहिया वाहन और कटे हुए पार्ट्स बरामद

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत नेहरू कॉलोनी पुलिस ने वाहन चोरी की लगातार हो रही वारदातों का खुलासा करते हुए तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के आठ दोपहिया वाहन तथा दो चोरी की एक्टिवा के इंजन और अन्य कटे हुए पार्ट्स बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह पहले सुनसान इलाकों में खड़े वाहनों की रेकी करता था, फिर मास्टर-की से लॉक खोलकर वाहन चोरी करता था। यदि मास्टर-की से लॉक नहीं खुलता था तो आरोपी लॉक तोड़कर वाहन लेकर फरार हो जाते थे। चोरी के वाहनों को गिरोह का तीसरा सदस्य, जो पेशे से मैकेनिक है, खरीदकर उनके पार्ट्स अलग करता था और बाद में उन्हें कबाड़ियों को बेच देता था, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके।

थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से लगातार दोपहिया वाहन चोरी होने की शिकायतों के बाद एसएसपी देहरादून ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष पुलिस टीम गठित की थी। टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण करने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया, स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा पूर्व में वाहन चोरी के मामलों में शामिल अपराधियों का सत्यापन भी कराया। लगातार की गई निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 2 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर मोहन क्षेत्री उर्फ मांचा, वीरपाल उर्फ भेड़ और अरसल को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि आरोपी मोहन क्षेत्री दिहाड़ी मजदूर तथा वीरपाल सिटी बस में कंडक्टर का काम करता है। दोनों नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वहीं तीसरा आरोपी अरसल, जो मैकेनिक है, चोरी के वाहनों के इंजन और अन्य पार्ट्स अलग कर उन्हें कबाड़ियों को बेच देता था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो मोटरसाइकिल, छह एक्टिवा स्कूटी और दो चोरी की एक्टिवा के कटे हुए इंजन व अन्य पार्ट्स बरामद किए हैं, जिनका संबंध नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में दर्ज विभिन्न वाहन चोरी के मुकदमों से है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहन क्षेत्री उर्फ मांचा के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं तथा वह पूर्व में जेल भी जा चुका है। अन्य दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। इस उल्लेखनीय सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 2,500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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