
मोदी सरकार को ललकारते हुए धस्माना बोले — ईरान-रूस तेल सौदा तोड़ा, अब जनता भुगत रही है खामियाजा
पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के संकट के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार, धस्माना बोले — अब व्यापक जन आंदोलन की बारी
देहरादून। देशभर में पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों और पहाड़ी जनपदों सहित राज्यभर में रसोई गैस की भारी किल्लत के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त सड़क प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और कांग्रेस के झंडे थामे कार्यकर्ताओं का हुजूम कांग्रेस मुख्यालय से निकलकर क्वालिटी चौक, राजपुर रोड होते हुए घंटाघर का चक्कर लगाकर राजपुर रोड स्थित यूनिवर्सल पेट्रोल पंप पर जा पहुंचा, जहां धरना प्रदर्शन में तब्दील होते इस आंदोलन ने जोरदार रूप ले लिया।
पेट्रोल पंप के आगे दरी बिछाकर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक विकास भारद्वाज के साथ ढोलक की थाप पर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका गीत “सैंया पैसा तो बहुत ही कमात है, महंगाई डायन खाए जात है” गाकर मोदी सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। नारेबाजी और गीत-संगीत के इस अनूठे प्रदर्शन ने राहगीरों का भी ध्यान खींचा।
धस्माना ने केंद्र की मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान भारत को भारतीय मुद्रा में और अंतरराष्ट्रीय बाजार से कम कीमत पर कच्चा तेल दे रहा था, लेकिन सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर यह आपूर्ति बंद करवा दी। इसी प्रकार रूस से भी सस्ते कच्चे तेल की आपूर्ति ट्रंप के दबाव में बेहद सीमित कर दी गई, जिससे भारत की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई।


उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका युद्ध से ठीक 48 घंटे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल दौरा और नेतन्याहू के साथ वार्ता तथा उन्हें समर्थन देने का भरोसा भारतीय जनता के लिए सबसे कष्टकारी साबित हुआ, क्योंकि इससे हार्मोज जलसंधि से आने वाले कच्चे तेल और रसोई गैस की आपूर्ति बाधित हो गई।
धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में गैस एजेंसियों के बाहर कई-कई किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं और लोग इस भीषण गर्मी में भूखे-प्यासे घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से गाड़ियों का किराया बढ़ गया है, जिसका सीधा असर अनाज, सब्जी और खाद्य तेल जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ा है। बावजूद इसके केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें जनता को कोई राहत देने को तैयार नहीं हैं।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि धस्माना के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन को अब व्यापक रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में देहरादून महानगर के सभी 100 वार्डों और फिर पूरे प्रदेश में यह जन आंदोलन फैलाया जाएगा।


इस अवसर पर अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष मदन लाल, श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, गीलीरखा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अनिल बस्नेत, पूर्व सैनिक विभाग अध्यक्ष कर्नल राम रतन सिंह नेगी, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी, सुशीला शर्मा, जगदीश धीमान, धरमपुर विधानसभा के तीनों ब्लॉक अध्यक्ष ललित भद्री, मुकीम भूरा व वीरेंद्र पंवार, कैंट विधानसभा के तीनों ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र तनेजा, राजीव प्रजापति व राजेश पुंडीर, पार्षद अभिषेक तिवारी, पूनम कंडारी, सावित्री थापा, अनिता दास, महमूदन, सोनू काजी, पिया थापा, गोपाल गड़िया, सुनील जायसवाल, इजहार, अल्ताफ, प्रमोद गुप्ता, आनंद सिंह पुंडीर समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश सिंह कौशल ने किया।

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