
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक नया विवाद तब गहरा गया जब यूकेडी (उत्तराखंड क्रांति दल) ने नरेंद्रनगर निकाय उपचुनाव के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर पूर्व सैनिकों और राज्य आंदोलनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित एक आपात प्रेस वार्ता में यूकेडी ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग उठा दी।
प्रेस वार्ता में दल के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व सैनिकों ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों तथा देश की रक्षा में योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों का अपमान पूरे सैनिक समाज और उत्तराखंड की अस्मिता का अपमान है। पार्टी के उपाध्यक्ष कर्नल सुनील कोटनाला ने आरोप लगाया कि मंत्री उनियाल ने पार्टी की उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी प्रमिला रावत और युद्ध में दिव्यांग हुए पूर्व सैनिक सूबेदार वीर सिंह पंवार के प्रति अमर्यादित एवं अशिष्ट भाषा का प्रयोग किया।
वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि एक कैबिनेट मंत्री के लिए ऐसी भाषा सार्वजनिक जीवन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों के बिल्कुल खिलाफ है। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जिन लोगों ने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, उनके साथ इस तरह का व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूकेडी ने तीन सूत्रीय मांग रखी है:
- संबंधित कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
- उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
- पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, पार्टी ने नरेंद्रनगर निकाय उपचुनाव के दौरान आचार संहिता के कथित उल्लंघन की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई है।
समाचार लिखे जाने तक मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।यूकेडी ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन प्रदेश व्यापी जनआंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा। फिलहाल, मामले को लेकर राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

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