
देहरादून। जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की कि शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित त्रिस्तरीय ढांचे में जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। साथ ही पुरानी पेंशन योजना से वंचित शिक्षकों को लाभ, पीटीए शिक्षकों की मांग समेत सभी प्रकरण कैबिनेट में रखे जाएंगे।
सोमवार को विधानसभा सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक लेते हुए डॉ. रावत ने जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों की 13 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों को कैबिनेट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
प्रमुख मांगों पर सहमति
- प्रस्तावित त्रिस्तरीय ढांचे में जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को शामिल करना।
- जिन जनपदों में चुनाव आचार संहिता के कारण शिक्षक योगदान नहीं दे पाए, उन्हें भी ओपीएस का लाभ देना।
- सम्पूर्ण सेवाकाल में तीन पदोन्नति देना।
- सेवारत शिक्षकों को टीईटी में छूट।
- डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षा मित्रों को समान कार्य-समान वेतनमान।
- अशासकीय विद्यालयों के मानदेय शिक्षकों को तदर्थ नियुक्ति और तदर्थ शिक्षकों को नियमित करना।
- बिना मानदेय कार्यरत पीटीए शिक्षकों को मानदेय देना।
इन प्रकरणों के निस्तारण के लिए महानिदेशालय स्तर पर समिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें औपबंधिक शिक्षकों के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति दो सप्ताह में रिपोर्ट महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को सौंपेगी, जिसके आधार पर विभाग शासन को प्रस्ताव भेजेगा।
शिक्षकों की पदोन्नति और स्थानांतरण पर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि विभागीय अधिकारी आंतरिक बैठक कर न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण से इतर बीच का रास्ता निकालकर शिक्षक हित में प्रस्ताव शासन को देंगे, फिर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव विधायी अमित कुमार, सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद, अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत और उप निदेशक जे.पी. काला समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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