कांवड़ मेले में अब तक 82 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, IG राजीव स्वरुप ने की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा

22 सुपर जोन, 67 जोन व 200 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र, ड्रोन और 529 CCTV कैमरों से चौकसी, अब तक 18 यात्री डूबने से बचाए गए

देहरादून । पवित्र कांवड़ मेला-2026 की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं श्रद्धालु सुविधाओं को लेकर पुलिस महानिरीक्षक (IG), गढ़वाल परिक्षेत्र, राजीव स्वरुप ने विस्तृत समीक्षा बैठक करते हुए मेला क्षेत्र में तैनात समस्त पुलिस बलों और अधिकारियों को चाक-चौबंद व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।

30 जुलाई 2026 से प्रारंभ हुआ यह कांवड़ मेला 11 अगस्त तक चलेगा। आगामी 8 से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ तथा 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि व मुख्य जलाभिषेक पर्व को देखते हुए परिक्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस के अनुसार यात्रा शुरू होने से अब तक हरिद्वार से 76 लाख 85 हजार से अधिक तथा नीलकंठ से 5 लाख 72 हजार से अधिक कांवड़ यात्रियों का आवागमन हो चुका है, जिसमें करीब 70 हजार वाहन शामिल रहे।

सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को 22 सुपर जोन, 67 जोन और 200 सेक्टरों में विभाजित कर जोनल व सेक्टर प्रभारियों की तैनाती की गई है। नागरिक पुलिस के साथ-साथ अर्द्धसैनिक बल, एटीएस, बीडीएस, एसडीआरएफ तथा जल पुलिस की विशेष टीमें संवेदनशील स्थलों, प्रमुख घाटों एवं मंदिर परिसरों में मुस्तैद हैं। सुगम यातायात के लिए पड़ोसी राज्यों से भी निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग हेतु हरिद्वार में ड्रोन सर्विलांस के लिए 10 जोन बनाए गए हैं, जबकि नीलकंठ व ऋषिकेश क्षेत्र में 4 अतिरिक्त ड्रोन तैनात किए गए हैं। चारधाम कंट्रोल रूम (पटेल भवन) से 529 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं व फर्जी वीडियो पर अंकुश लगाने के लिए विशेष साइबर कमांडो भी तैनात किए गए हैं।

गंगा घाटों पर तैनात एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों ने अब तक 18 कांवड़ यात्रियों को डूबने से सुरक्षित बचाया है, जबकि खोया-पाया सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों से मिलाया है। सुरक्षा एवं विद्युत तारों को ध्यान में रखते हुए पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट और झांकी की ऊंचाई 10 फीट निर्धारित की गई है। श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन हेतु क्यूआर कोड भी जारी किए गए हैं।

पुलिस-प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह पर ध्यान न दें, संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें तथा निर्धारित यातायात प्लान का पूर्ण अनुपालन करें, ताकि मेला सुरक्षित, सुगम एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

शिवभक्तों की सुविधा हेतु जारी किया गया QR कोड यँहा देखें

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments