घरेलू प्रताड़ना से टूटी महिला के लिए पौड़ी पुलिस बनी सहारा।

आत्मघाती कदम उठाने जा रही महिला को पुलिस ने समय रहते बचाया, पुनर्वास केंद्र पहुंचाकर दी जिंदगी की नई दिशा।

श्रीनगर। दिनांक 18.05.2026 को एक व्यक्ति द्वारा एक महिला, निवासी श्रीनगर उम्र लगभग 45 वर्ष, को अपने साथ लेकर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कार्यालय लाया गया। व्यक्ति द्वारा बताया गया कि वह अपने गांव से कोटद्वार की ओर आ रहा था, तभी रास्ते में उक्त महिला अत्यंत परेशान एवं रोती हुई अवस्था में अकेली मिली। पूछने पर महिला द्वारा बताया गया कि वह जंगल की ओर जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम द्वारा महिला को संवेदनशीलता एवं विश्वास के साथ जानकारी की गई। जिसमें महिला द्वारा बताया गया कि उसका पति गांव में मजदूरी का कार्य करता है तथा प्रतिदिन शराब के नशे में उसके साथ मारपीट एवं प्रताड़ना करता है।

लगातार हो रहे घरेलू उत्पीड़न एवं मानसिक तनाव के कारण वह लगभग एक सप्ताह पूर्व घर छोड़कर चली गई थी। इस दौरान वह दो-तीन दिन तक अपने किसी परिचित के यहां रुकी, किन्तु स्थायी रूप से वहां रहना संभव न होने के कारण वह अत्यधिक मानसिक तनाव में आ गई और आत्महत्या करने के लिए जंगल की ओर जा रही थी।

महिला की मानसिक एवं भावनात्मक स्थिति को देखते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम द्वारा तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उसे समझाया-बुझाया गया तथा आवश्यक सहायता प्रदान की गई। तत्पश्चात महिला का मेडिकल परीक्षण कराते हुए माननीय मजिस्ट्रेट महोदय के आदेशानुसार महिला की सुरक्षा एवं संरक्षण के दृष्टिगत उसे राजकीय महिला एवं बालिका कल्याण पुनर्वास केंद्र में सुरक्षित रूप से दाखिल कराया गया।

आमजन से अपील है कि यदि कोई व्यक्ति, महिला अथवा बच्चे को मानसिक, सामाजिक या पारिवारिक संकट की स्थिति में देखें तो तत्काल पुलिस अथवा संबंधित सहायता संस्थाओं को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक मदद पहुंचाई जा सके।

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