
देहरादून। नैनीताल हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के 15 दिन बाद भी देहरादून पुलिस 19.81 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी मामले में निष्क्रिय बनी हुई है। 3 जून को हाईकोर्ट ने आरोपियों की एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी, बावजूद इसके राजपुर थाना पुलिस ने अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है।युवा उद्यमी बिक्रम राणा ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस पर यह आरोप लगाए।
यह मामला पुरकुल गांव, मसूरी रोड स्थित करोड़ों की भूमि से जुड़ा है। युवा उद्यमी बिक्रम राणा ने 14 सितंबर 2025 को राजपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि साई इंफ्रा प्रोडक्ट्स प्रा. लि. की पुरकुल स्थित जमीन का सौदा कर राजकुमार यादव, हरीश यादव, राजीव वाड्रा, संजय सिंह, मेधा भारद्वाज, बिज्जू, विनोद कुमार और नीरजा सिंह ने उनसे 19.81 करोड़ रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद सभी आरोपी बिक्रम राणा के पक्ष में जमीन का बैनामा कराने से मुकर गए।
बिक्रम राणा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व गढ़वाल सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत के सगे भांजे हैं। पुलिस और सरकार से कार्रवाई न होने पर हताश होकर उन्होंने सीएम और पीएम पोर्टल पर न्याय की गुहार लगाते हुए आत्मघात तक की अपील कर डाली।
एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी प्रतिवादियों ने अग्रिम जमानत ले ली थी। इसके बाद उन्होंने प्राथमिकी निरस्त कराने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। लंबी सुनवाई और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद 3 जून 2026 को हाईकोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला बनता है और जांच जारी रहनी चाहिए।
कानूनी जानकारों के मुताबिक हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद पुलिस को तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी और चार्जशीट की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी। लेकिन आदेश को एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी राजपुर पुलिस ने विवेचना आगे नहीं बढ़ाई है।
फिलहाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का इस मामले पर कोई बयान सामने नहीं आया है। वहीं पीड़ित पक्ष हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला दायर करने की तैयारी में है।
आरोप है कि पुलिस मामले को कोर्ट के बाहर सुलटाने की जुगत में है। ऊपर से दबाव के चलते कार्रवाई रुकी हुई है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि बाहरी लोगों के खिलाफ पैसों के खेल में रियायत बरती जा रही है। उनका कहना है कि दूसरे प्रदेशों से आकर अपराधी प्रवृत्ति के लोग उत्तराखंड में जमीनों के गोरखधंधे कर रहे हैं और यहां के युवाओं के साथ ठगी कर रहे हैं।
बिक्रम राणा का आरोप है कि उनके पास रकम ट्रांसफर के बैंक रिकॉर्ड, एग्रीमेंट और अन्य दस्तावेजी सबूत हैं। इसके बावजूद पुलिस आरोपियों से पूछताछ तक नहीं कर रही।

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