

1544 पदों की परीक्षा में धांधली, उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना — अभ्यर्थियों के क्रोध में आयोग झुका, प्रपत्र सत्यापन स्थगित
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आज एक खुली चुनौती दी है। UK TRIPLE SSC के कार्यालय पर पहुंचकर उन्होंने भर्ती में धांधली के खिलाफ सांकेतिक “ताला ठोक” प्रदर्शन किया। हजारों अभ्यर्थियों का गुस्सा धस्माना के आंदोलन में शामिल हो गया, और आयोग को अपने निर्णय बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
धस्माना ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि UK TRIPLE SSC अब देश में एक “कुख्यात भर्ती एजेंसी” बन चुकी है। पेपर लीक, नकल, परिणामों में हेराफेरी — यह सब कुछ हो चुका है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि उत्तराखंड के माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की आयोग आधिकारिक तौर पर अवहेलना कर रहा है।
“माननीय उच्च न्यायालय ने 3 जून 2026 को स्पष्ट आदेश दिया था कि माध्यमिक सहायक अध्यापक भर्ती 9 फरवरी 2025 की कट ऑफ के आधार पर की जाए। लेकिन यह आयोग न्यायालय के आदेश की तरफ ध्यान ही नहीं दे रहा है,” धस्माना ने नाराजगी से कहा।
दोपहर 12:30 बजे जब धस्माना UK TRIPLE SSC के रायपुर थानों रोड स्थित कार्यालय पहुंचे, तो वहां पहले से सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद थे। सभी ने “UK TRIPLE SSC भर्ती घोटाले की जांच करो” के नारे लगाए। धस्माना ने आयोग के कार्यालय पर सांकेतिक “ताला” ठोका, जो दरअसल यह संदेश था कि “यह आयोग तो अब बंद ही होना चाहिए।”
धस्माना और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने UK TRIPLE SSC सचिव एन.एस. डुंगरियाल से सीधी बातचीत की। धस्माना ने साफ कहा कि आयोग जानबूझकर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा है और अभ्यर्थियों को आपस में लड़वाने की साजिश रच रहा है।
शाम 3:30 बजे आयोग ने घुटने टेक दिए। सचिव ने फोन से सूचित किया कि “आयोग ने प्रपत्र सत्यापन स्थगित कर दिया है” और इसकी सूचना आधिकारिक वेबसाइट पर भी डाल दी गई है।
धस्माना ने साफ संदेश दिया कि यह सांकेतिक ताला ठोक प्रदर्शन केवल शुरुआत है। “अगर आयोग का रवैया नहीं बदला तो कांग्रेस पार्टी सीधे आंदोलन में उतर जाएगी,” उन्होंने चेतावनी दी। उन्होंने गुरुवार से आंदोलन को और तेज करने की बात कही, यदि आयोग सकारात्मक रुख न अपनाए।
धस्माना की मांग सीधी-सादी है:
- माननीय उच्च न्यायालय का अंतिम निर्णय आने तक शेष पदों का प्रपत्र सत्यापन स्थगित रहे
- 9 फरवरी 2025 की कट ऑफ तुरंत जारी की जाए
- अभ्यर्थियों को उचित न्याय मिले
प्रदर्शन में कांग्रेस श्रम विभाग अध्यक्ष दिनेश कौशल, सूरत सिंह नेगी, आनंद सिंह पुंडीर, यूकेडी नेता देवचंद उत्तराखंडी के अलावा सैकड़ों माध्यमिक सहायक अध्यापक अभ्यर्थी शामिल थे। गोपीचंद, गजेंद्र सजवान, तुषार बिष्ट, संदीप, दीपका रमोला, उषा रमोला, मनोरमा, माया, रश्मि, मीनाक्षी जैसे अभ्यर्थियों का गुस्सा आसमान छू रहा था।
यह साफ है कि सूर्यकांत धस्माना की चेतावनी आयोग तक पहुंच गई है। आयोग ने तत्काल प्रपत्र सत्यापन स्थगित करके संदेश दे दिया है कि उसे धस्माना की गंभीरता समझ आ गई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या आयोग उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा? अभ्यर्थियों का न्याय होगा?
अगर आयोग सकारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो गुरुवार से कांग्रेस का आंदोलन तेज होने वाला है, और यह महज एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक बड़ी जंग बन सकती है।

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