
हरिद्वार। उत्तराखंड के पर्यावरण एवं सांस्कृतिक लोकपर्व हरेला के अवसर पर 16 जुलाई 2026 को हरिद्वार जनपद में वृहद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। पहले दिन 30 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य तय किया गया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैठक हुई। डीएफओ ने कहा कि हरेला केवल पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य का संकल्प है। एक माह तक अभियान चलाकर पौधों की अधिकतम जीवितता सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनेगी, जिसमें वन, कृषि, उद्यान, शिक्षा, नगर निकाय, स्वास्थ्य, जल संस्थान समेत सभी विभाग शामिल होंगे। सभी विभाग समयबद्ध कार्ययोजना बनाएंगे।
पौधारोपण के लिए सरकारी कार्यालय, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल परिसर, पार्क, सार्वजनिक स्थल, सड़क किनारे, नदी-नालों के तट और खाली सरकारी भूमि को प्राथमिकता दी जाएगी। हर पौधारोपण स्थल की जियो-टैगिंग और रिकॉर्ड रखा जाएगा।
10 जुलाई तक गड्ढे खोदने, जैविक खाद, पौधों का आवंटन, सिंचाई, ट्री-गार्ड और परिवहन की व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी। 11 से 15 जुलाई तक सभी स्थलों का सत्यापन होगा।
मुख्य कार्यक्रम 16 जुलाई को रोशनाबाद राजकीय परिसर, गुरुकुल कांगड़ी विवि के सामने पथ वृक्षारोपण स्थल, नगर वन या समिति द्वारा तय अन्य स्थलों पर होगा। इसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी, छात्र-छात्राएं, स्वयं सहायता समूह, युवा मंगल दल और स्थानीय नागरिक भाग लेंगे।
डीएफओ ने कहा कि ‘एक परिवार–दो पौधे’ अभियान चलाकर हर परिवार को पौधारोपण व संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्थानीय व फलदार प्रजातियों को प्राथमिकता मिलेगी। कुंभ क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए ‘हरित हरिद्वार’ कार्यक्रम में सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
पौधारोपण के बाद सुरक्षा, सिंचाई, निगरानी और मृत पौधों की जगह नए पौधे लगाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। सभी स्थलों की जियो-टैगिंग, दैनिक प्रगति और त्रैमासिक जीवितता रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
बैठक में एडीएम वैभव गुप्ता, परियोजना निर्देशक नलिनीत घिल्डियाल, डीईओ अमित कुमार चन्द, एसडीओ पूनम कैंथोला, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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