देवभूमि को नशामुक्त करने की मुहिम तेज, एसटीएफ ने स्कूल-कॉलेजों और नशामुक्ति केंद्रों को एक मंच पर लाया

26 जून को नशा विरोधी दिवस पर राज्यभर में होंगे व्यापक कार्यक्रम, हेल्पलाइन नंबरों का होगा प्रचार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “नशा मुक्त उत्तराखंड” के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में 22 जून को पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर/एएनटीएफ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें उत्तराखंड पुलिस, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और नशामुक्ति केंद्रों के संचालकों ने मिलकर युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

गोष्ठी में तय किया गया कि 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ विरोधी दिवस के अवसर पर राज्यभर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 12 से 26 जून तक चल रहे नशामुक्त भारत पखवाड़े के अंतर्गत रैलियां, सेमिनार, नुक्कड़ नाटक, हस्ताक्षर अभियान और सोशल मीडिया जागरूकता कार्यक्रम पहले से संचालित हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में निबंध, चित्रकला प्रतियोगिताएं एवं नाट्य प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रत्येक थाना क्षेत्र में कम से कम एक स्थान पर नशा विरोधी ऑडियो संदेशों का नियमित प्रसारण किया जाएगा।

नशे से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिजनों को निःशुल्क सहायता के लिए राष्ट्रीय डी-एडिक्शन हेल्पलाइन नंबर 14446 तथा मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उत्तराखंड पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे “ड्रग्स फ्री देवभूमि” मिशन में सक्रिय सहभागिता निभाएं और ई-प्रतिज्ञा अभियान से जुड़कर इस संकल्प को सफल बनाने में योगदान दें।

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